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MeitY के राष्ट्रीय CSAM/CSEAM SOP का मसौदा: सुप्रीम कोर्ट की सख्त निगरानी में बाल सुरक्षा की नई पहल

15 अक्टूबर 2026 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने Child Sexual Abuse Material (CSAM/CSEAM) से संबंधित मामले की सुनवाई की और इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार को इसे “बहुत गंभीरता से” लेने का निर्देश दिया। न्यायालय ने उल्लेख किया कि MeitY ने एक मसौदा SOP प्रस्तुत किया है, लेकिन वह अभी अंतिम रूप में नहीं है। इसलिए पीठ ने SOP को पूरा करने और अतिरिक्त विवरण दाखिल करने के लिए समय बढ़ाया। मामला एक माह बाद पुनः सूचीबद्ध किया गया है।

MeitY का राष्ट्रीय CSAM/CSEAM SOP (2026) – मसौदा

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर प्रसारित होने वाले Child Sexual Abuse Material (CSAM/CSEAM) की रिपोर्टिंग, हटाने और जांच के लिए एक राष्ट्रीय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। यह SOP NCII (Non Consensual Intimate Imagery) SOP के ढांचे पर आधारित है, जिसे 2025 में अधिसूचित किया गया था और जिसमें 24 घंटे के भीतर हटाने, बहु एजेंसी समन्वय, तथा पीड़ित केंद्रित सुरक्षा उपायों का प्रावधान है।

यह SOP सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों, NHRC की सलाह, तथा सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और क्लाउड सेवाओं पर बढ़ते CSAM प्रसार की चिंताओं के आधार पर विकसित किया जा रहा है।

1. SOP का उद्देश्य

प्रस्तावित SOP का लक्ष्य:

CSAM की रिपोर्टिंग और हटाने के लिए एकसमान राष्ट्रीय प्रक्रिया स्थापित करना।

शिकायत प्राप्त होने पर 24 घंटे के भीतर हानिकारक सामग्री हटाना सुनिश्चित करना।

IT Act, 2000 और IT Rules, 2021 के तहत मध्यस्थों की जवाबदेही को मजबूत करना।

केंद्रीय एजेंसियों, राज्य पुलिस और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के बीच समन्वय बढ़ाना।

पीड़ित केंद्रित सुरक्षा प्रदान करना, जिसमें गोपनीयता संरक्षण और परामर्श सहायता शामिल है।

डिजिटल फॉरेंसिक और साक्ष्य संरक्षण को बेहतर बनाना ताकि धारा 67B, IT Act के तहत प्रभावी अभियोजन हो सके।

2. संरचनात्मक मॉडल (NCII SOP ढांचे पर आधारित)

MeitY, NCII SOP की संरचना को अपनाते हुए निम्नलिखित तंत्र शामिल कर रहा है:

A. समर्पित रिपोर्टिंग चैनल

NCCRP (National Cyber Crime Reporting Portal)

हेल्पलाइन 1930

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के इन ऐप रिपोर्टिंग टूल

IT Rules, 2021 के तहत नियुक्त शिकायत अधिकारी

स्थानीय पुलिस स्टेशन / साइबर सेल

B. अनिवार्य 24 घंटे में हटाना

मध्यस्थों को रिपोर्ट किए गए CSAM को 24 घंटे के भीतर हटाना या एक्सेस अक्षम करना होगा।

C. बहु एजेंसी समन्वय

SOP में निम्नलिखित एजेंसियों की समन्वित भूमिका शामिल होगी:

MeitY – नीति, अनुपालन निगरानी, धारा 69A के तहत हटाने के आदेश

I4C – शिकायतों का केंद्रीय भंडार और रूटिंग

DoT – ISP के माध्यम से URL ब्लॉकिंग

MHA – जांच पर्यवेक्षण और LEA समन्वय

MWCD – पीड़ित सहायता और परामर्श

राज्य पुलिस/साइबर सेल – FIR, जांच, डिजिटल फॉरेंसिक

D. स्वचालित पहचान एवं हैश मैचिंग

प्लेटफ़ॉर्म को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा:

हैश मैचिंग तकनीक

AI आधारित पहचान प्रणाली

पुनः अपलोड रोकथाम तंत्र

CSAM फिंगरप्रिंट के लिए सुरक्षित राष्ट्रीय हैश बैंक

E. पीड़ित केंद्रित सुरक्षा उपाय

SOP सुनिश्चित करेगा:

नाबालिगों और शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता सुरक्षा

साक्ष्यों का गोपनीय प्रबंधन

वन स्टॉप सेंटर (OSC) के माध्यम से परामर्श और कानूनी सहायता

द्वितीयक आघात को न्यूनतम करना

3. प्रस्तावित कार्यप्रवाह (संभावित SOP अनुक्रम)

शिकायत दर्ज करना उपयोगकर्ता/LEA द्वारा NCCRP, 1930, इन ऐप टूल या पुलिस स्टेशन के माध्यम से CSAM रिपोर्ट करना।

I4C और मध्यस्थ को रूटिंग शिकायत एक साथ I4C और प्लेटफ़ॉर्म के शिकायत अधिकारी को भेजी जाती है।

सत्यापन और वर्गीकरण मध्यस्थ स्वचालित + मैनुअल मूल्यांकन करता है।

24 घंटे में हटाना सामग्री हटाई/अक्षम की जाती है; आवश्यकता होने पर DoT URL ब्लॉक करता है।

हैशिंग और रोकथाम सामग्री को राष्ट्रीय CSAM हैश बैंक में जोड़कर पुनः अपलोड रोका जाता है।

LEA जांच डिजिटल फॉरेंसिक, IP लॉग, अकाउंट मेटाडेटा, डिवाइस फिंगरप्रिंटिंग।

पीड़ित सहायता परामर्श, कानूनी सहायता, गोपनीयता संरक्षण।

अनुपालन रिपोर्टिंग मध्यस्थ MeitY और I4C को हटाने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।

4. कानूनी एवं विनियामक आधार

धारा 67B, IT Act, 2000 – CSAM के प्रकाशन, प्रसारण और ब्राउज़िंग को अपराध घोषित करता है।

धारा 69A, IT Act – MeitY को बाल सुरक्षा हेतु ऑनलाइन सामग्री ब्लॉक करने का अधिकार देता है।

IT Rules, 2021 – शिकायत मिलने पर मध्यस्थों को बाल यौन शोषण सामग्री हटाना अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट निर्देश (2024–2026) – CSAM की सीधी रिपोर्टिंग भारतीय LEAs को अनिवार्य।

NHRC सलाह (2023) – CSAM के विरुद्ध राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता।

5. कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) पर अपेक्षित प्रभाव

A. साक्ष्य संरक्षण में तेजी

तेज़ हटाने से वायरल प्रसार कम होता है और मूल साक्ष्य सुरक्षित रहते हैं।

B. संरचित शिकायतें

NCCRP की समर्पित श्रेणी बेहतर वर्गीकरण और रूटिंग सुनिश्चित करती है।

C. बेहतर ट्रेसबिलिटी

मध्यस्थों का अनिवार्य सहयोग IP लॉग, मेटाडेटा, डिवाइस फिंगरप्रिंट उपलब्ध कराएगा।

D. पीड़ित को कम नुकसान

तेज़ हटाने से सामग्री का पुनः प्रसार रुकता है, जिससे आघात कम होता है।

E. एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय

I4C, DoT, MeitY और राज्य साइबर सेल एकीकृत कार्यप्रवाह में काम करेंगे।

6. भारत के लिए रणनीतिक महत्व

भारत को CSAM हटाने के समर्पित प्रोटोकॉल वाले देशों की श्रेणी में स्थापित करता है।

वैश्विक प्लेटफ़ॉर्म (Meta, Google आदि) के लिए अनुपालन दायित्व मजबूत करता है।

अंतरराष्ट्रीय बाल सुरक्षा ढांचों (INHOPE, INTERPOL) के अनुरूपता बढ़ाता है।

उभरते खतरों—जैसे डीपफेक CSAM और सिंथेटिक इमेजरी—के लिए स्केलेबल मॉडल तैयार करता है।

MeitY द्वारा राष्ट्रीय CSAM/CSEAM SOP का मसौदा तैयार किया जाना भारत की डिजिटल सुरक्षा संरचना में एक महत्वपूर्ण कदम है। NCII SOP मॉडल—24 घंटे में हटाना, बहु एजेंसी समन्वय, स्वचालित पहचान, और पीड़ित केंद्रित सुरक्षा—को अपनाकर यह SOP ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री के विरुद्ध राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत करेगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाएगा।

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Key Takeaways

Sources & References

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