नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और अधिकारियों का रूप धारण कर ₹68 लाख की साइबर ठगी

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नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और अधिकारियों का रूप धारण कर ₹68 लाख की साइबर ठगी

37 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक, न्वोगु ओबेद ओसिनाची को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसने लखनऊ के एक युवक को नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और कस्टम व टैक्स अधिकारियों का रूप धारण कर ₹68 लाख की साइबर ठगी में फँसाया। यह गिरफ्तारी दिल्ली में पहले से पकड़े गए कई नाइजीरियाई सहयोगियों से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय साइबर-फ्रॉड गिरोह पर बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।

क्यों जारी हैं ये रैकेट

नाइजीरियाई मूल के साइबर फ्रॉड गिरोह भारत में वर्षों से सक्रिय हैं क्योंकि वे:

  • कमज़ोर सोशल मीडिया भरोसे और भावनात्मक शोषण का फायदा उठाते हैं।
  • अधिकारियों का रूप धारण कर ठगी करते हैं।
  • वित्तीय निगरानी की खामियों का फायदा उठाकर म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं।
  • ढीले-ढाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में काम करते हैं, अक्सर वीज़ा की अवधि से अधिक रुकते हैं।
  • कम लागत और अधिक मुनाफ़े के कारण पीड़ित देर से ठगी का एहसास करते हैं।

केस सारांश

  • गिरफ्तार व्यक्ति: न्वोगु ओबेद ओसिनाची, 37, इमो स्टेट, नाइजीरिया निवासी।
  • गिरफ्तारी स्थान: बुराड़ी, दिल्ली।
  • गिरफ्तारी एजेंसी: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF)।
  • ठगी की राशि: लगभग ₹68 लाख (लखनऊ के युवक से)।

मोडस ऑपरेंडी:

  • फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप पर US/UK नागरिकों के नाम से नकली प्रोफाइल बनाना।
  • ऑनलाइन दोस्ती कर महंगे गिफ्ट, डॉलर/पाउंड देने का वादा करना।
  • दावा करना कि पार्सल एयरपोर्ट पर रोक दिए गए हैं।
  • कस्टम, आयकर और GST अधिकारियों का रूप धारण कर पैसे की माँग करना।
  • रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड सर्टिफिकेट जैसे नकली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करना।
  • स्थानीय लोगों से किराए पर लिए गए भारतीय बैंक खातों में पैसे जमा कराना।

जाँच विवरण

  • शुरुआत: लखनऊ के युवक ने शिकायत की, जिसने “डोरिस विलियम” नामक नकली इंग्लैंड-आधारित फेसबुक प्रोफाइल से दोस्ती कर ₹68 लाख गंवाए।
  • पहली गिरफ्तारियाँ: दो नाइजीरियाई सहयोगी, उचेनवा और ओबासे प्रॉस्पर, मई और जुलाई 2026 में दिल्ली से पकड़े गए।
  • वीज़ा स्थिति: ओसिनाची 2022 में बिज़नेस वीज़ा पर भारत आया, उसी वर्ष वीज़ा समाप्त हो गया; इसके बाद अवैध रूप से दिल्ली में रहा।
  • जब्त सबूत: इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकली प्रमाणपत्र; फॉरेंसिक जांच जारी।

जोखिम और जन सलाह

  • रोमांस/पार्सल स्कैम: भावनात्मक भरोसे का शोषण कर गिफ्ट या पैसे का लालच दिया जाता है।
  • अधिकारियों का रूप धारण: नकली कस्टम या टैक्स अधिकारी बनकर पैसे की माँग की जाती है।
  • वित्तीय शोषण: पीड़ितों को बार-बार बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता है।

जन मार्गदर्शन

  • अनजान ऑनलाइन दोस्ती और गिफ्ट या पैसे के वादों पर भरोसा न करें।
  • कस्टम या टैक्स से जुड़ी किसी भी माँग को सीधे आधिकारिक एजेंसियों से सत्यापित करें।
  • संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल और वित्तीय माँगों की तुरंत रिपोर्ट करें: साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नज़दीकी पुलिस स्टेशन पर।