“फ़ोन पर लोन ऑफ़र? भुगतान से पहले सत्यापित करें! क्षेत्रीय भाषा बोलने वाला कॉलर हमेशा असली नहीं होता, सतर्क रहें!”
दिल्ली में हाल ही में तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो द्वारा पकड़े गए धोखाधड़ी कॉल सेंटर एक संगठित साइबर अपराध व्यापार मॉडल को उजागर करते हैं, जो क्षेत्रीय भाषा पर भरोसे, नकली लोन ऑफ़र और धमकी देने की रणनीति का इस्तेमाल करता है। यह फलता-फूलता घोटाला मज़बूत जन-जागरूकता और नियामक हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
धोखाधड़ी कॉल सेंटर का व्यापार मॉडल
1. भर्ती और लक्ष्य निर्धारण
• टेली-कॉलर: ज़्यादातर 25–40 वर्ष आयु की तेलुगु भाषी महिलाएँ, भर्ती की गईं कोरुतला (जगतियाल), सईदाबाद, बोराबंदा (हैदराबाद), और महबूबनगर से।
• भाषा रणनीति: क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग कर पीड़ितों का विश्वास जीतना, जिससे धोखाधड़ी असली लगे।
2. संचालन व्यवस्था
• स्थान: दिल्ली के कॉल सेंटर।
• आयोजक: तीन मुख्य फरार मास्टरमाइंड।
• अवधि: 1.5 वर्षों से सक्रिय, कई टीमों के साथ।
3. धोखाधड़ी की प्रक्रिया
• प्रतिरूपण: खुद को बजाज फ़ाइनेंस का प्रतिनिधि बताना।
• स्क्रिप्टेड प्रक्रिया: आकर्षक शर्तों के साथ नकली लोन स्वीकृति।
• भुगतान वसूली:
• एस्केलेशन: प्रारंभिक भुगतान के बाद संपर्क काट देना या नए बहाने से और पैसे माँगना।
4. धमकी और नियंत्रण
• धमकियाँ: जब पीड़ित सवाल करते, तो धोखेबाज़ इस्तेमाल करते:
• उद्देश्य: पीड़ितों को पुलिस तक जाने से रोकना।
जोखिम और तात्कालिक चिंताएँ
सिफ़ारिशें
• जन जागरूकता:
• क़ानून प्रवर्तन:
• नीति उपाय:
• नागरिक सावधानी:
Join Our Group
Like on Facebook
Follow on Twitter
Follow on Instagram
Subscribe On YT
Join Our Channel