ट्रूकॉलर ने TRAI के उस निर्देश पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उसे 140 (टेलीमार्केटिंग) और 1600 (बैंकिंग/वित्तीय) सीरीज़ से आने वाले कॉल्स को स्पैम के रूप में चिन्हित करने से रोका गया है। कंपनी का कहना है कि यह नियम उल्टा असर डाल रहा है, क्योंकि ठग इन "व्हाइटलिस्टेड" नंबरों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं का विश्वास कमजोर हो रहा है और लाखों वैध कॉल्स अनदेखी की जा रही हैं। ट्रूकॉलर का स्पष्ट मत है कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार होना चाहिए कि वे स्वयं तय करें कि किस कॉल को ब्लॉक करना है, क्योंकि उपयोगकर्ता की स्वायत्तता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
ट्रूकॉलर की आपत्तियाँ (TRAI नियमों पर)
व्हाइटलिस्ट की खामी
TRAI ने निर्देश दिया कि 140 (टेलीकॉम/टेलीमार्केटिंग) और 1600 (बैंकिंग/वित्तीय) सीरीज़ के कॉल्स को स्पैम के रूप में चिन्हित नहीं किया जा सकता। ठगों ने इसका फायदा उठाकर इन्हीं नंबरों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
वैध कॉल्स का अनदेखा होना
आँकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 140 सीरीज़ के 81% और 1600 सीरीज़ के 79% कॉल्स अनुत्तरित रहते हैं, जिनमें असली बैंक अलर्ट और सेवा कॉल्स भी शामिल हैं। लगभग 51 मिलियन कॉल्स रोज़ाना अनदेखी हो जाती हैं।
उपभोक्ता को नुकसान
उपयोगकर्ता असली और नकली कॉल्स में अंतर नहीं कर पा रहे हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ गया है।
कानूनी आपत्ति
ट्रूकॉलर ने TRAI को बताया कि प्रस्तावित नियम (रेगुलेशन 34A) कानूनी रूप से अस्थिर है और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है।
वैकल्पिक उपाय
ट्रूकॉलर ने "Frequently Blocked" बैज शुरू किया ताकि उपयोगकर्ताओं को चेतावनी मिल सके, लेकिन TRAI ने इस पर भी आपत्ति जताई।
उपभोक्ता की पसंद क्यों ज़रूरी है
स्वायत्तता और विश्वास
उपभोक्ता को स्वयं तय करने देना कि कौन-सा कॉल ब्लॉक करना है, उन्हें धोखाधड़ी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
स्पैम का बदलता स्वरूप
ठग लगातार नए तरीके अपनाते हैं। कठोर व्हाइटलिस्ट नियम उन्हें दुरुपयोग का स्थायी अवसर दे सकते हैं।
सामुदायिक सुरक्षा
ट्रूकॉलर की ताकत सामूहिक रिपोर्टिंग पर आधारित है। इसे सीमित करना सामूहिक सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।
पारदर्शिता
उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। स्पैम लेबल छिपाने से सही निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
तुलना: TRAI की व्हाइटलिस्ट नीति बनाम ट्रूकॉलर की स्पैम चेतावनी
विषय TRAI का दृष्टिकोण ट्रूकॉलर का दृष्टिकोण
140/1600 सीरीज़ कॉल्स भरोसेमंद मानकर स्पैम नहीं दिखाना संदिग्ध कॉल्स पर चेतावनी देना आवश्यक
उपभोक्ता सुरक्षा वैध व्यावसायिक कॉल्स की सुरक्षा ठगी रोकना और उपभोक्ता को सतर्क करना
उपभोक्ता की स्वायत्तता सीमित (स्पैम लेबल नहीं दिखेगा) पूर्ण (उपभोक्ता स्वयं निर्णय ले)
प्रभाव वैध कॉल्स भी अनदेखी हो सकती हैं उपयोगकर्ता बेहतर फ़िल्टरिंग कर सकता है
TRAI नीति के संभावित जोखिम
निष्कर्ष
TRAI की व्हाइटलिस्ट नीति का उद्देश्य वैध व्यावसायिक कॉल्स की सुरक्षा करना है, लेकिन ट्रूकॉलर का तर्क है कि इसका अनपेक्षित लाभ साइबर ठगों को मिल रहा है। ऐसे में आवश्यकता एक संतुलित व्यवस्था की है, जो वैध संस्थाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उपभोक्ताओं को पारदर्शी जानकारी और अपनी पसंद के अनुसार कॉल फ़िल्टर करने का अधिकार भी प्रदान करे। यही दृष्टिकोण दूरसंचार सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए अधिक प्रभावी माना जा सकता है।
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