SIP (Session Initiation Protocol) इंटरनेट के माध्यम से वॉइस, वीडियो और मैसेजिंग को सक्षम करता है।
बिज़नेस उपयोग के लिए वैध, लेकिन अपराधी इसे SIM बॉक्स + SIP सर्वर के साथ मिलाकर कॉल स्पूफिंग और टेलीकॉम धोखाधड़ी के लिए उपयोग करते हैं।
बेंगलुरु SIM बॉक्स रैकेट – अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय में बदलने वाला अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ा गया।
CBI केस – दिल्ली – एक कंपनी ने 20,000+ सिम कार्ड अवैध रूप से प्राप्त किए और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड में इस्तेमाल किया, जिसमें पीड़ितों को नकली CBI/पुलिस कॉल से धमकाया गया।
कॉलर ID स्पूफिंग: विदेशी कॉल स्थानीय नंबर की तरह दिखाई देती है।
विदेश से ऑपरेशन: कंबोडिया, थाईलैंड, कनाडा जैसे देशों से कॉल कंट्रोल।
क्लाउड PBX: सेकंडों में हजारों SIP लाइनें सक्रिय।
लेयर्ड रूटिंग: कॉल का असली स्रोत छिप जाता है।
सभी डिवाइस/ऐप/ब्राउज़र पर चलता है।
लोकेशन-फ्री और स्केलेबल।
कस्टम रूटिंग से कॉल ट्रेसिंग मुश्किल हो जाती है।
टेलीकॉम कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान।
नागरिक जोखिम: डिजिटल अरेस्ट, बैंक/CBI के नाम पर ठगी।
जटिल जांच: SIP-आधारित रूट ट्रेस करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण।
साइबर खतरें: जासूसी, संगठित ठगी और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क।
DoT: स्पूफ्ड अंतरराष्ट्रीय कॉल की पहचान और ब्लॉकिंग।
पुलिस / CBI: अवैध एक्सचेंज और SIM बॉक्स पर लगातार छापे।
टेलीकॉम ऑपरेटर: सख्त KYC और ट्रैफिक एनालिटिक्स।
वैश्विक सहयोग: विदेशों में होस्टेड SIP सर्वर ट्रैक किए जा रहे हैं।
अजनबी “लोकल नंबर” वाली कॉल पर तुरंत भरोसा न करें।
सत्यापित करें: CBI, बैंक, TRAI कभी फोन पर पैसे नहीं मांगते।
शिकायत करें: 1930, cybercrime.gov.in, या संचार साथी / चक्षु ऐप से रिपोर्ट करें।
परिवार और टीम को जागरूक करें – यही सबसे मजबूत सुरक्षा है।
SIP कॉलिंग का दुरुपयोग सिर्फ टेलीकॉम फ्रॉड नहीं — यह साइबर अपराध की नई फ्रंटलाइन है।
सतर्कता + जागरूकता + रिपोर्टिंग = सुरक्षित नागरिक।
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