सिम बाइंडिंग की अनिवार्यता
क्यों ज़रूरी है?
• धोखाधड़ी कॉल और मैसेज से बढ़ते घोटाले:
o डिजिटल गिरफ्तारी
o क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी
o ई-कॉमर्स फ्रॉड
o सेक्सटॉर्शन
• अनुमानित नुकसान:
o 2025 में ₹19,812 करोड़
o 2024 में ₹22,849.49 करोड़
o 2023 में ₹7,463.2 करोड़
o 2022 में ₹2,290.23 करोड़
• छह वर्षों में कुल नुकसान: ₹52,976 करोड़ (मोबाइल आधारित धोखाधड़ी से)।
मुख्य प्रावधान
हितधारकों के दृष्टिकोण
• सरकार (DoT और माननीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया):
o सिम बाइंडिंग से जवाबदेही सुनिश्चित होगी और गुमनामी खत्म होगी।
o यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ट्रैकिंग में मदद करेगा।
• COAI (सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया):
o इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह OTT खिलाड़ियों की नियामक जवाबदेही की दिशा में कदम है।
• तकनीकी विशेषज्ञ (FaceOff Technologies):
o सिम बाइंडिंग के साथ AI आधारित पहचान सत्यापन (QR वेरिफिकेशन, लाइवनेस डिटेक्शन, डिवाइस फिंगरप्रिंटिंग) धोखाधड़ी रोकने में सहायक होगा।
साइबर सुरक्षा संदर्भ
मुख्य निष्कर्ष
Like on Facebook
Follow on Twitter
Follow on Instagram
Subscribe On YT