सेक्सटॉर्शन बढ़ रहा है — इस भावनात्मक अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है जागरूकता

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सेक्सटॉर्शन बढ़ रहा है — इस भावनात्मक अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है जागरूकता

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) “सेक्सटॉर्शन” नाम से अलग सार्वजनिक आंकड़े प्रकाशित नहीं करता। फिर भी, कई विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक रिपोर्टों ने भारत में इस अपराध के मामलों में चिंताजनक वृद्धि की पुष्टि की है।

भारत में सेक्सटॉर्शन और संबंधित साइबर अपराधों में वृद्धि

मीडिया रिपोर्ट्स

लखनऊ जैसे शहरों में सेक्सटॉर्शन की शिकायतों में तेजी आई है। लखनऊ साइबर क्राइम सेल ने 43 मामले दर्ज किए, जिनमें कई में पीड़ितों को जबरन या धोखे से बनाए गए अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया।
पीड़ितों में अक्सर 45–60 वर्ष के संपन्न पुरुष शामिल थे, लेकिन अब युवा वर्ग भी तेजी से निशाना बन रहा है।

अपराध की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

अपराधी अक्सर महिलाओं के रूप में फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़ितों को अश्लील वीडियो कॉल में फंसाते हैं। फिर वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं। कुछ अपराधी पुलिस अधिकारी बनकर डराने की कोशिश भी करते हैं।

राष्ट्रीय प्रवृत्तियाँ

NCRP का सार्वजनिक डैशबोर्ड सेक्सटॉर्शन को अलग से नहीं दर्शाता, लेकिन साइबर अपराध पर संसद की 254वीं स्थायी समिति की रिपोर्ट (अगस्त 2025) ऑनलाइन यौन शोषण के बढ़ते खतरे को स्वीकार करती है, विशेष रूप से युवाओं और संवेदनशील वर्गों को निशाना बनाए जाने के संदर्भ में।

प्रभावित जनसंख्या

वैश्विक प्रवृत्तियों (जैसे ग्वेर्नसे) की तरह, भारत में भी 14–30 वर्ष के किशोरों और युवाओं में सेक्सटॉर्शन के मामले अधिक देखे गए हैं।
सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म की गुमनामी युवाओं को विशेष रूप से असुरक्षित बनाती है।
डर और सामाजिक कलंक के कारण कई मामले दर्ज ही नहीं होते।

सेक्सटॉर्शन: जागरूकता ही सुरक्षा है

यूरोप और भारत में सेक्सटॉर्शन एक बार फिर डिजिटल खतरे के रूप में उभर रहा है—युवाओं, पेशेवरों और परिवारों को समान रूप से निशाना बना रहा है।

अपराध की कार्यप्रणाली (फर्जी तरीके)

  • फर्जी प्रोफाइल के ज़रिए पीड़ितों को अश्लील वीडियो कॉल में फंसाया जाता है।

  • फिर धमकी दी जाती है — पैसे दो या चुप रहो।

  • कुछ अपराधी पुलिस अधिकारी बनकर डराते हैं।

भारत की सच्चाई

  • लखनऊ जैसे शहरों में दर्जनों मामले सामने आए हैं।

  • पीड़ितों में संपन्न पुरुषों से लेकर संवेदनशील युवा तक शामिल हैं।

  • NCRP भले ही सेक्सटॉर्शन को अलग से न दर्शाए, लेकिन इसका बढ़ना वास्तविक है।

बचाव के उपाय (Protective Steps)

  • अजनबी प्रोफाइल से बातचीत न करें।

  • निजी तस्वीरें या वीडियो ऑनलाइन साझा न करें।

  • तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

  • ब्लैकमेलरों को पैसे न दें — शिकायत करें, घबराएं नहीं।

  • किशोरों से ऑनलाइन खतरे पर बात करें।

निष्कर्ष

साइबर अपराधियों से सतर्क रहें — आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा है।
सतर्क रहें। सुरक्षित रहें। शिकायत करें, पीछे न हटें।