संचार साथी (CEIR) में नए सुधार: अब खोए/चोरी हुए मोबाइल की पहचान और रिकवरी हुई आसान

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संचार साथी (CEIR) में नए सुधार: अब खोए/चोरी हुए मोबाइल की पहचान और रिकवरी हुई आसान

संचार साथी पोर्टल (CEIR मॉड्यूल) में हुए सुधारों ने खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की पहचान का परिदृश्य बदल दिया है। पहले समस्या यह थी कि जब कोई मोबाइल हैंडसेट रिकवर होता था, तो यह पता लगाना कठिन होता था कि वह कहाँ से चोरी हुआ था, और ओनर ट्रेस न होने के कारण हजारों हैंडसेट्स असल मालिकों को लौटाए नहीं जा पा रहे थे।

अब संचार साथी पोर्टल (CEIR मॉड्यूल) पर IMEI आधारित फ़िल्टरिंग से खोए/चोरी हुए मोबाइल की स्थिति तुरंत जाँची जा सकती है।

IMEI आधारित फ़िल्टरिंग: चरण-दर-चरण प्रक्रिया

Step 1: IMEI नंबर प्राप्त करें

  • IMEI मोबाइल की पैकेजिंग बॉक्स या बिल/इनवॉइस पर छपा होता है।
  • मोबाइल पर *#06# डायल करने पर स्क्रीन पर IMEI दिखाई देगा।
  • डुअल SIM फोन में दो IMEI नंबर होते हैं — दोनों नोट करें।

Step 2: संचार साथी पोर्टल पर जाएँ

  • आधिकारिक पोर्टल: Sanchar Saathi – CEIR Dashboard
  • "CEIR Services" सेक्शन में नेविगेट करें।

Step 3: IMEI Filtering विकल्प चुनें

  • पोर्टल पर "Check IMEI / Trace Lost Device" विकल्प चुनें।
  • यहाँ IMEI नंबर दर्ज करें।
  • सिस्टम दोनों IMEIs को क्रॉस चेक करेगा।

Step 4: स्थिति देखें
• पोर्टल बताएगा कि मोबाइल:

  • Blacklisted (खोया/चोरी हुआ और ब्लॉक किया गया)
  • Duplicate/Cloned (IMEI कॉपी किया गया)
  • Valid/Active (सामान्य उपयोग में)

Step 5: आगे की कार्रवाई
• यदि मोबाइल खोया/चोरी हुआ दिखता है:

  • संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
  • पोर्टल के "Block/Unblock Request" विकल्प से डिवाइस ब्लॉक/अनब्लॉक किया जा सकता है।
  • नए सुधारों के अनुसार, ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट में उस पुलिस उपयोगकर्ता का विवरण भी दर्ज होगा जिसने ब्लॉक किया है।

प्रमुख लाभ

  • तेज़ पहचान: किसी भी पुलिस स्टेशन द्वारा रिकवर किए गए मोबाइल की स्थिति तुरंत जाँची जा सकती है।
  • पारदर्शिता: ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट में पुलिस उपयोगकर्ता विवरण दर्ज होने से जवाबदेही बढ़ती है।
  • अंतर राज्यीय सहयोग: IMEI फ़िल्टरिंग पूरे भारत में उपलब्ध है, जिससे राज्यों/UTs के बीच रिकवरी आसान होती है।

संचार साथी पर अन्य सुधार

1. पैन इंडिया पुलिस स्टेशन संपर्क विवरण उपलब्ध

  • अब सभी पुलिस स्टेशनों के संपर्क विवरण LSAs और पुलिस स्टेशन उपयोगकर्ताओं को दिखाई देंगे।
  • इससे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित संचार संभव होगा।

2. ट्रेसबिलिटी रिपोर्ट में क्लिक करने योग्य RequestID

  • रिपोर्ट में RequestID अब क्लिक करने योग्य है, जिससे सीधे शिकायत विवरण तक पहुँचा जा सकता है।
  • इससे खोज प्रक्रिया तेज़ और अधिक कुशल होगी।

3. शेयर की गई ट्रेसबिलिटी मैट्रिक्स का प्रदर्शन

  • पोर्टल अब राज्यों/UTs के बीच साझा किए गए ट्रेसबिलिटी डेटा की संख्या दिखाता है।
  • इससे अंतर राज्यीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और रिकवरी दर में वृद्धि होगी।

4. ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट में पुलिस उपयोगकर्ता की जानकारी

  • ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट पेज पर अब उस पुलिस उपयोगकर्ता का विवरण भी शामिल होगा जिसने डिवाइस ब्लॉक किया है।
  • इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

प्रभाव और लाभ

  • बेहतर समन्वय: पूरे देश में पुलिस संपर्क विवरण उपलब्ध होने से त्वरित सहयोग संभव होगा।
  • संचालन दक्षता: क्लिक करने योग्य RequestID और IMEI फ़िल्टरिंग से समय की बचत होगी।
  • पारदर्शिता: ब्लॉकिंग रिक्वेस्ट में पुलिस उपयोगकर्ता विवरण से जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
  • रिकवरी दर में वृद्धि: साझा ट्रेसबिलिटी मैट्रिक्स से राज्यों/UTs के बीच सहयोग बढ़ेगा।
  • जन हितकारी सेवा: शीघ्र रिकवरी और उपकरण वापसी से नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।

निष्कर्ष
संचार साथी पोर्टल – CEIR मॉड्यूल में किए गए ये सुधार मोबाइल हैंडसेट रिकवरी तंत्र को मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और दक्षता के साथ ये फीचर्स दिल्ली पुलिस को खोए/चोरी हुए उपकरणों को शीघ्रता से नागरिकों तक पहुँचाने में मदद करेंगे।