वित्तीय साइबर अपराध को रोकने के लिए सबसे बड़ा प्रहार यह है कि धन को धोखेबाज़ों तक पहुँचने से पहले ही रोक लिया जाए। अपराध को समाप्त करने के लिए सप्लाई चेन को तोड़ना आवश्यक है, जिससे इस पर आधारित अपराध पनप न सके।
दिल्ली वर्तमान में साइबर फ्रॉड रिकवरी दक्षता में अग्रणी राज्यों में शामिल है, लगभग 33% दक्षता के साथ। यह उत्तर प्रदेश (37.2%), गुजरात (35.2%) और राजस्थान (33.6%) जैसे शीर्ष प्रदर्शनकारी राज्यों से थोड़ा नीचे है। इससे दिल्ली पुलिस भारत की राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रोकथाम मुहिम में एक मज़बूत योगदानकर्ता बनती है। दिल्ली पुलिस का शीर्ष नेतृत्व अत्यंत केंद्रित है और वे समझते हैं कि धोखाधड़ी के धन का पता लगाना और उसे रोकना साइबर अपराध को सीमित करने और समाप्त करने का एक बड़ा कदम है, क्योंकि धोखाधड़ी के धन का पता लगाना उन अपराधियों को पकड़ने से आसान है जो देश के बाहर से भी काम कर रहे हों।
उत्तर प्रदेश भारत का शीर्ष राज्य बनकर उभरा है, जिसने मात्र आठ महीनों में अपने Cyber Fraud Mitigation Centre (CFMC) के माध्यम से ₹425 करोड़ की धोखाधड़ी वाली निकासी को सफलतापूर्वक रोक दिया। यह पुलिस–बैंक का वास्तविक समय समन्वय मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए एक मानक माना जा रहा है।
दिल्ली की साइबर फ्रॉड रिकवरी रैंक
दिल्ली दूसरे स्तर के शीर्ष प्रदर्शनकारी राज्यों में है, मज़बूत रिकवरी दिखा रही है लेकिन अभी यूपी के मानक तक नहीं पहुँची है।
दिल्ली की साइबर पुलिसिंग उपलब्धियाँ
दिल्ली पुलिस – मज़बूत साइबर फ्रॉड रिकवरी, राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी
दिल्ली पुलिस बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड से लड़ रही है – आपकी सतर्कता तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है।
नागरिकों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए: 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
साइबर फ्रॉड के रिपोर्टिंग की सुविधा दिल्ली के प्रत्येक थाने में उपलब्ध है जहाँ पर आप अपनी शिकायत CFCFRMS Portal पर करवाएँ।
तेज़ रिपोर्टिंग = धन रिकवरी की अधिक संभावना।
Join Our Group
Like on Facebook
Follow on Twitter
Follow on Instagram
Subscribe On YT
Join Our Channel