साइबर धोखाधड़ी में धन वापसी का हरियाणा मॉडल: देश के लिए एक प्रभावी उदाहरण

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साइबर धोखाधड़ी में धन वापसी का हरियाणा मॉडल: देश के लिए एक प्रभावी उदाहरण

हरियाणा ने गृह मंत्रालय के Money Restoration Module (MRM) का सबसे प्रभावी उपयोग किया है। 7,316 मामलों में से 2,241 मामलों में रिफंड आदेश प्राप्त किए गए, जो 31% रिकवरी दर दर्शाता है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 3.85% है।

दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध रिकवरी दर हरियाणा की आक्रामक सफलता की तुलना में सीमित है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में दिल्ली पुलिस ने Money Restoration Module (MRM) के माध्यम से केवल 34 मामलों में ₹3.59 लाख की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई। वहीं, वर्ष 2023 से अब तक ₹1,716.64 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी में से लगभग ₹174.84 करोड़ की रिकवरी हुई है, जो लगभग 10% रिकवरी दर के बराबर है।

हरियाणा की सफलता के प्रमुख कारण

Cyber Crime Coordination Centre (S4C)

  • वर्ष 2023 में पंचकुला में स्थापित।
  • AI इंटीग्रेशन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, डार्क वेब जांच तथा डिजिटल एसेट ट्रैकिंग जैसी उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध।

e-Zero FIR System

  • ₹1 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों का स्वतः एफआईआर में रूपांतरण।

आक्रामक प्रवर्तन (Aggressive Crackdown)

  • नूंह में 927 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी।
  • पूरे राज्य में 3,900 से अधिक गिरफ्तारियाँ।
  • हजारों मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त।
  • 43,354 फर्जी मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए।

अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाना (Content Removal)

  • जनवरी–जून 2026 के दौरान 14,139 अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई।

क्षमता निर्माण (Capacity Building)

  • वर्ष 2025 से अब तक 9,100 पुलिसकर्मियों को साइबर जांच का प्रशिक्षण दिया गया।

जन-जागरूकता अभियान (Public Awareness)

  • 1,322 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
  • 3 लाख से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा संदेश पहुँचाया गया।

अन्य राज्यों के लिए प्रमुख सुझाव

1. संस्थागत मजबूती

  • राज्य स्तर पर साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित कर उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें।
  • साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स में विशेष साइबर यूनिट्स गठित कर संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई करें।

2. तकनीकी एकीकरण

  • e-Zero FIR सिस्टम लागू करें।
  • स्थानीय सॉफ्टवेयर समाधान विकसित कर धन ट्रैकिंग और बॉन्ड प्रोसेसिंग को तेज एवं प्रभावी बनाएं।

3. क्षमता निर्माण

  • पुलिस बल को साइबर फॉरेंसिक, ब्लॉकचेन ट्रेसिंग तथा AI आधारित धोखाधड़ी पहचान का प्रशिक्षण दें।
  • अंतर-राज्यीय सहयोग के लिए समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करें।

4. जन सहभागिता

  • विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाएँ।
  • रियल-टाइम पीड़ित सहायता एवं शिकायत निवारण पोर्टल उपलब्ध कराएँ।

5. कानूनी एवं प्रशासनिक सुधार

  • बैंक और पुलिस के बीच समन्वय को सरल बनाकर धन वापसी की प्रक्रिया तेज करें।
  • राज्य स्तर पर साइबर फ्रॉड ट्रिब्यूनल्स की स्थापना पर विचार करें।

निष्कर्ष
राज्यों को तकनीक-आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स पर लक्षित कार्रवाई तथा पीड़ित-केंद्रित धन वापसी तंत्र को प्राथमिकता देनी चाहिए। हरियाणा का मॉडल दर्शाता है कि मजबूत संस्थागत सुधार, AI आधारित तकनीकी एकीकरण और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से साइबर अपराध नियंत्रण एवं पीड़ितों को धन वापसी की प्रक्रिया में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है।