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₹631.86 करोड़ साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़: ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 में गुजरात पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गुजरात पुलिस ने ₹631.86 करोड़ के बड़े साइबर फ्रॉड मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो देशभर की 982 शिकायतों से जुड़ा है। ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत की गई इस कार्रवाई में शेल कंपनियों, म्यूल बैंक खातों और लीक डेटाबेस का इस्तेमाल कर पूरे भारत में पीड़ितों से धन siphon करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

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मामले की मुख्य बातें

• गिरफ्तारी: अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, भरूच और राजकोट से 13 आरोपी।
• फ्रॉड का पैमाना: ₹631.86 करोड़, 982 साइबर अपराध शिकायतों से जुड़ा।
• ऑपरेशन: गुजरात पुलिस साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0।

• उपयोग किए गए तरीके:
o फर्जी कंपनियाँ: Saurath Overseas, SNB Aqua Shipping Pvt Ltd, Zeppelin Overseas Shipping Pvt Ltd, DKG Creation and Technologies Gujarat।
o कंपनी नाम से खोले गए म्यूल अकाउंट्स में धोखाधड़ी की रकम जमा।
o टेलीग्राम से लीक डेटाबेस का उपयोग कर बैंकिंग आईडी और मोबाइल नंबर चोरी।
o नकली क्रेडिट कार्ड ऑफर और ओटीपी स्कैम से पीड़ितों को फंसाया।

• शिकायतों का वितरण: महाराष्ट्र (137), कर्नाटक (126), गुजरात (77), तमिलनाडु (83), उत्तर प्रदेश (87), तेलंगाना (64), दिल्ली (53)।

मोडस ऑपरेंडी

  • स्टेप 1: लीक डेटाबेस से ग्राहक आईडी चोरी।
  • स्टेप 2: नकली ऑफर देकर पीड़ितों से संपर्क → ओटीपी चोरी।
  • स्टेप 3: बैंक क्रेडेंशियल रीसेट → अकाउंट हैक।
  • स्टेप 4: रकम म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर।
  • स्टेप 5: नकद निकासी और अंगाडिया चैनलों या शेल कंपनियों के जरिए रूट।

कानूनी एवं प्रवर्तन कार्रवाई

  • एफआईआर दर्ज: गुजरात में 4 दिनों में 4 अलग अलग एफआईआर।
  • जब्त सबूत: बैंक पासबुक, कंपनी रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा।
  • धारा: धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध (आईटी एक्ट व भारतीय न्याय संहिता)।

रोकथाम के उपाय

• बैंक/कंपनियाँ: ग्राहक आईडी एन्क्रिप्ट करें और असामान्य लॉगिन पर निगरानी रखें।

• नागरिक:
o कभी भी ओटीपी या पिन साझा न करें, चाहे कॉलर आपका आईडी/अकाउंट नंबर जानता हो।
o पासवर्ड नियमित रूप से बदलें और टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्षम करें।
o देखें कि आपका ईमेल/फोन किसी डेटा ब्रीच डेटाबेस (जैसे HaveIBeenPwned) में तो नहीं है।

• कानून प्रवर्तन: डेटा ब्रीच रिपोर्टिंग कानून मजबूत करें और टेलीग्राम/डार्क वेब चैनलों का त्वरित शटडाउन करें।

नागरिक जागरूकता एवं जोखिम

• रेड फ्लैग्स:
o अनचाहे क्रेडिट कार्ड ऑफर।
o ओटीपी या बैंकिंग क्रेडेंशियल की मांग।
o अज्ञात कंपनियों के जरिए लेन देन।

रिपोर्टिंग चैनल

  • 1930 साइबर हेल्पलाइन
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in

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Key Takeaways

Sources & References

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