र्ऑपरेशन साइहॉक 3.0 — “शीघ्र, निर्णायक, निरंतर” साइबर सुरक्षा का दिल्ली मॉडल

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र्ऑपरेशन साइहॉक 3.0 — “शीघ्र, निर्णायक, निरंतर” साइबर सुरक्षा का दिल्ली मॉडल

माननीय दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री सतीश गोलछा का संदेश “शीघ्र कार्य करें, निर्णायक कार्य करें और निरंतर कार्य करें”—आज का साइबर सुरक्षा विचार है जो न केवल ऑपरेशन साइहॉक 3.0 का रणनीतिक सार है, बल्कि यदि इसे पूरी तरह लागू किया जाए तो यह दिल्ली में साइबर अपराध को उल्लेखनीय रूप से कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


1. शीघ्र कार्य करें
प्रोएक्टिव विघटन:
पीड़ितों के नुकसान की प्रतीक्षा करने के बजाय दिल्ली पुलिस ने NCRP शिकायतों, संदिग्ध लेन-देन पैटर्न और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर धोखाधड़ी नेटवर्क को पहले ही चिन्हित किया। प्रत्येक थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

निवारक अवरोध:
म्यूल अकाउंट्स, सिम-लिंक्ड सक्षमकर्ताओं और डिजिटल फ़ैसिलिटेटर्स को निशाना बनाकर धोखेबाज़ों को उनकी बुनियादी संरचना से वंचित किया गया।

नागरिक सुरक्षा:
“STOP–THINK–ACT” जैसे अभियानों को दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से लगातार प्रसारित किया जा रहा है, जबकि त्वरित रिपोर्टिंग तंत्र (1930 हेल्पलाइन, NCRP पोर्टल, संवाद साथी) नागरिक स्तर पर समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हैं।


2. निर्णायक कार्य करें
प्रवर्तन का पैमाना:
10+ राज्यों में 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की भागीदारी ने समन्वित और अडिग प्रतिक्रिया को प्रदर्शित किया।

ठोस परिणाम:
गिरफ्तारियाँ (955), कानूनी कार्रवाई (2563), तथा नकद, सोना और क्रिप्टोकरेंसी जैसी करोड़ों की बरामदगी ने धोखेबाज़ों के खिलाफ दृढ़ और वैध कार्रवाई को सिद्ध किया।

उच्च-प्रभाव वाले मामले:
₹9.28 करोड़ के निवेश रैकेट का ध्वस्तीकरण और ₹30 लाख की क्रिप्टोकरेंसी का फ्रीज़ किया जाना, साइबर अपराध की वित्तीय रीढ़ पर सीधा प्रहार है।


3. निरंतर कार्य करें
सतत गति:
चार महीनों में तीसरा बड़ा ऑपरेशन यह साबित करता है कि प्रवर्तन आकस्मिक नहीं बल्कि एक निरंतर अभियान है।

प्रणालीगत सीख:
प्रत्येक चरण पिछले अनुभव पर आधारित है—प्रतिक्रियात्मक केस-सॉल्विंग से हटकर विघटन-उन्मुख पुलिसिंग की ओर।

दीर्घकालिक निवारण:
3180 NCRP शिकायतों और ₹627 करोड़ की धोखाधड़ी को जोड़ना यह सुनिश्चित करता है कि जांच का दबाव लगातार बना रहे, केवल एक बार की कार्रवाई नहीं।


माननीय आयुक्त का दर्शन
शीघ्र:
नागरिकों को नुकसान पहुँचने से पहले ही धोखाधड़ी का अनुमान लगाना और जागरूकता के हथियार से उसे रोकना।

निर्णायक:
डिजिटल इंटेलिजेंस पोर्टल और बहु-राज्यीय समन्वय का उपयोग कर कठोर प्रहार करना।

निरंतर:
ऐसा सतत दबाव बनाए रखना कि धोखाधड़ी नेटवर्क दोबारा संगठित न हो सकें।


निष्कर्ष
ये तीन शब्द—शीघ्र, निर्णायक, निरंतर—दिल्ली पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ केवल प्रतिक्रिया देने वाली संस्था नहीं बल्कि निवारण की वास्तुकार के रूप में स्थापित करते हैं। यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में दृढ़ता और नागरिक विश्वास को मजबूत कर साइबर अपराध के विरुद्ध लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।