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12 मई 2026 को रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य एआई संचालित प्रणालियों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी से लड़ना है, विशेष रूप से म्यूल अकाउंट्स को निशाना बनाना। इस साझेदारी के तहत I4C का Suspect Registry RBIH के MuleHunter.AI प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिसे पहले से ही 26+ बैंकों में लागू किया जा चुका है। इससे भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र में धोखाधड़ी का पता लगाने की क्षमता और मज़बूत होगी।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार “साइबर सुरक्षित भारत” बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने ज़ोर दिया कि म्यूल अकाउंट्स साइबर अपराधों को रोकने में सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस MoU के ज़रिए बैंकिंग और डिजिटल भुगतान तंत्र में साइबर सक्षम वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और म्यूल अकाउंट्स को समाप्त करने के लिए सहयोग को मज़बूत किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- MoU हस्ताक्षरित: I4C (गृह मंत्रालय के अंतर्गत) + RBI Innovation Hub
- उद्देश्य: म्यूल अकाउंट्स का पता लगाना और समाप्त करना — ऐसे बैंक खाते जिनका उपयोग अपराधी धोखाधड़ी की रकम छिपाने या ट्रांसफ़र करने में करते हैं।
- तकनीक: I4C Suspect Registry का RBIH के एआई संचालित टूल्स (MuleHunter.AI सहित) से एकीकरण।
- प्रभाव: संदिग्ध खातों की तेज़ पहचान, धोखाधड़ी वाले लेन देन को समय रहते रोकना।
- वक्तव्य: गृह मंत्री श्री अमित शाह ने इसे “साइबर सुरक्षित भारत” बनाने की दिशा में अहम कदम बताया।
RBI Innovation Hub (RBIH)
- रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई।
- मुख्यालय: KEONICS, 27th Main Rd, HSR Layout, बेंगलुरु, कर्नाटक।
- मिशन: भारत की वित्तीय चुनौतियों को तकनीक, नीति अनुसंधान और सहयोग से हल करना।
प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म
- Unified Lending Interface (ULI): सहज क्रेडिट डिलीवरी के लिए यूनिवर्सल API गेटवे।
- Digital Payments Intelligence Platform: डिजिटल लेन देन के लिए रियल टाइम फ्रॉड स्कोरिंग।
- MuleHunter.AI™: एआई/एमएल प्रणाली जो बैंकों को म्यूल अकाउंट्स पहचानने और ब्लॉक करने में सक्षम बनाती है।
- Fintech Repository: वित्तीय नवाचार का ज्ञान भंडार।
म्यूल अकाउंट्स क्यों ख़तरनाक हैं
- नकली पहचान या अनजान व्यक्तियों के नाम पर खोले गए खाते जिनका उपयोग अवैध धन ट्रांसफ़र के लिए होता है।
- इन्हें ट्रेस करना कठिन होता है और ये अक्सर बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा होते हैं।
- MoU का लाभ: वित्तीय इंटेलिजेंस (RBIH) और साइबर अपराध जांच डेटा (I4C) का संयोजन, जिससे धोखाधड़ी रोकथाम और अधिक मज़बूत होगी।
अपेक्षित प्रभाव
- बैंकों के लिए: बेहतर फ्रॉड रिस्क इंटेलिजेंस, रियल टाइम मॉनिटरिंग और एआई संचालित डिटेक्शन।
- नागरिकों के लिए: फ़िशिंग, UPI स्कैम और डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी से अधिक सुरक्षा।
- नियामकों के लिए: RBI, गृह मंत्रालय और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय।
प्रमुख चुनौतियाँ
- डिजिटल भुगतान में सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना।
- रजिस्ट्रियों के एकीकरण में डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना।
- बदलते साइबर धोखाधड़ी तरीकों से निपटने के लिए एआई मॉडल का निरंतर अपडेट आवश्यक होना।
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Key Takeaways
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