QR कोड्स: सुविधा या साइबर जाल? — बढ़ता खतरा, ज़रूरी सतर्कता

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QR कोड्स: सुविधा या साइबर जाल? — बढ़ता खतरा, ज़रूरी सतर्कता

QR कोड घोटाले भारत में 2025 के शीर्ष 10 साइबर अपराध तरीकों में सूचीबद्ध किए गए हैं, फ़िशिंग और सिम स्वैप धोखाधड़ी के साथ। विश्लेषकों ने नोट किया कि छेड़छाड़ किए गए QR कोड्स का उपयोग तेजी से सार्वजनिक स्थानों, दुकानों और नकली डिलीवरी नोटिसों में किया जा रहा है ताकि नागरिकों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए धोखा दिया जा सके।

दिल्ली, चांदनी चौक – दिसंबर 2025

दिल्ली पुलिस ने एक QR कोड छेड़छाड़ रैकेट का पर्दाफाश किया। राजस्थान के 19 वर्षीय युवक ने कपड़ों की दुकान के भुगतान बोर्ड पर नकली QR कोड चिपका दिए। जैसे ही ग्राहकों ने कोड स्कैन किया, पैसा सीधे उसके खाते में चला गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह Vettaiyan से प्रेरित था और UPI लेनदेन को मोड़कर भुगतान अपने खाते में करवा रहा था। लगभग ₹1.4 लाख का नुकसान रिपोर्ट किया गया।


QR कोड्स से साइबर अपराध कैसे हो सकता है

  • अदृश्य गंतव्य: लिंक की तरह इन्हें पहले से नहीं देखा जा सकता, स्कैन करने पर ही पता चलता है।
  • मैलवेयर डिलीवरी: खतरनाक ऐप या फ़ाइल डाउनलोड करवा सकते हैं।
  • भुगतान धोखाधड़ी: असली QR कोड्स को बदलकर नकली कोड्स चिपकाए जाते हैं।
  • डेटा चोरी: ईमेल या पोस्टर में दिए गए कोड्स से लॉगिन जानकारी और व्यक्तिगत डेटा चुराया जा सकता है।


सुरक्षा उपाय

  • स्रोत की पुष्टि करें: केवल भरोसेमंद और आधिकारिक QR कोड्स स्कैन करें।
  • आसपास देखें: असली कोड्स पर चिपके हुए स्टिकर से सावधान रहें।
  • लिंक प्रीव्यू करें: ऐसे ऐप्स का उपयोग करें जो URL दिखाते हैं।
  • ऑटो-डाउनलोड से बचें: QR कोड्स को ऐप/फ़ाइल स्वतः डाउनलोड न करने दें।
  • डिवाइस अपडेट रखें: OS और सुरक्षा ऐप्स को अपडेट रखें।
  • भुगतान क्रॉस-चेक करें: व्यापारी का नाम और विवरण जांचें।


नकली QR कोड पहचानने के तरीके

  • संदिग्ध स्थान: दीवारों, फ्लायर्स या अनचाहे ईमेल में लगे कोड्स।
  • संदर्भ का मेल न होना: लॉगिन/भुगतान मांगने वाले कोड्स जहाँ ज़रूरत नहीं।
  • अजीब URLs: शॉर्ट या गलत स्पेलिंग वाले डोमेन।
  • बहुत अच्छे ऑफ़र: मुफ्त गिफ्ट, इनाम या तात्कालिक कार्रवाई का लालच।


अगर आपने संदिग्ध QR कोड स्कैन कर लिया

  • तुरंत रुकें—कोई व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें।
  • ब्राउज़र/ऐप बंद करें।
  • ब्राउज़िंग हिस्ट्री साफ़ करें।
  • सुरक्षा स्कैन चलाएँ।
  • संबंधित संस्था या पुलिस को रिपोर्ट करें।


नकली QR कोड्स के खतरे

  • फ़िशिंग हमले (लॉगिन जानकारी चोरी)
  • फ़ोन में मैलवेयर इंस्टॉल होना
  • वित्तीय धोखाधड़ी (नकली भुगतान पोर्टल)
  • पहचान की चोरी (डेटा संग्रहण)


QR कोड स्कैन करने से पहले 5 बुनियादी सावधानियाँ

1. स्रोत की पुष्टि करें

    केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों (बैंक, सरकारी पोर्टल, सत्यापित व्यापारी) के QR कोड ही स्कैन करें।

2. स्थान और स्थिति देखें
   अगर QR कोड किसी पोस्टर या बोर्ड पर चिपका हुआ दिखे, या असली कोड पर स्टिकर चिपका हो, तो उसे स्कैन न करें।

3. लिंक प्रीव्यू करें
    ऐसे ऐप या फ़ोन सेटिंग का उपयोग करें जो स्कैन करने से पहले URL दिखाए। अजीब या गलत स्पेलिंग वाले डोमेन से सावधान रहें।

4. ऑटो-डाउनलोड से बचें
    QR कोड को ऐप या फ़ाइल स्वतः डाउनलोड करने की अनुमति न दें।

5. भुगतान विवरण मिलान करें
    UPI या किसी भी QR भुगतान से पहले व्यापारी का नाम और अकाउंट विवरण ध्यान से जाँचें।

ये पाँच सरल कदम नागरिकों को नकली QR कोड घोटालों से बचा सकते हैं।