प्रौद्योगिकी के हथियारकरण के खिलाफ वैश्विक साइबर लचीलापन: BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश

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प्रौद्योगिकी के हथियारकरण के खिलाफ वैश्विक साइबर लचीलापन: BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान प्रौद्योगिकी के हथियारकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ज़ोर दिया कि इस खतरे से निपटने और समावेशी वैश्विक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए लचीलापन (Resilience) अत्यंत आवश्यक है।

BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी के हथियारकरण को एक गंभीर वैश्विक चिंता के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, इसलिए BRICS ढांचे के भीतर सामूहिक लचीलेपन की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें

प्रौद्योगिकी का हथियारकरण: पीएम मोदी ने उन्नत तकनीकों के दुरुपयोग के प्रति चेतावनी दी, यह बताते हुए कि तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ते हुए दबाव और विघटन के साधन के रूप में किया जा रहा है।

वैश्विक परस्पर जुड़ाव: उन्होंने ज़ोर दिया कि संकट सीमाओं को तेज़ी से पार कर जाते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग अनिवार्य हो जाता है।

लचीलापन प्राथमिकता: BRICS में विशेष ध्यान ऐसे मज़बूत तंत्र बनाने पर दिया गया है जो खतरों का सामना कर सकें, महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा कर सकें और शासन की निरंतरता सुनिश्चित कर सकें।

उनके संबोधन के संदर्भ में साइबर अपराध एक वैश्विक चुनौती

बढ़ते ख़तरे: साइबर अपराध अलग थलग घटनाओं से विकसित होकर जटिल अंतरराष्ट्रीय अभियानों में बदल गया है, जिसमें रैनसमवेयर एज़ ए सर्विस, फ़िशिंग सिंडिकेट और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी शामिल हैं।

महत्वपूर्ण अवसंरचना जोखिम: वित्तीय प्रणाली, ऊर्जा ग्रिड, स्वास्थ्य नेटवर्क और संचार प्लेटफ़ॉर्म साइबर अपराधियों और राज्य प्रायोजित तत्वों के प्रमुख लक्ष्य बने हुए हैं।

सूचना युद्ध: सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से भ्रामक जानकारी का प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा और जनविश्वास के लिए जोखिम पैदा करता है।

BRICS की प्रतिक्रिया और रणनीतिक महत्व

सामूहिक सुरक्षा कवच: BRICS देश घटना प्रतिक्रिया, डेटा साझाकरण और साइबर लचीलापन के लिए सहयोगी ढांचे स्थापित करने पर काम कर रहे हैं।

क्षमता निर्माण: संयुक्त पहलें डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर रक्षा प्रशिक्षण और उभरते खतरों का मुकाबला करने के लिए कानूनी ढांचे को मज़बूत करने का लक्ष्य रखती हैं।

वैश्विक नेतृत्व: भारत का लचीलेपन पर ज़ोर अंतरराष्ट्रीय साइबर मानदंडों को आकार देने और प्रौद्योगिकी के हथियारकरण के विरुद्ध प्रयासों का नेतृत्व करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का हस्तक्षेप वैश्विक साइबर लचीलेपन की तात्कालिकता को मज़बूत करता है। प्रौद्योगिकी की द्वैध प्रकृति—प्रगति का साधन और संभावित हथियार—को पहचानते हुए BRICS समूह सामूहिक रूप से साइबर अपराध का सामना करने की स्थिति में है। लचीलेपन का आह्वान एक रणनीतिक दृष्टि को दर्शाता है: राष्ट्रों को उन डिजिटल कमजोरियों से बचाना जो सीमाओं से परे हैं और यह सुनिश्चित करना कि प्रौद्योगिकी विकास का साधन बने, विघटन का नहीं।