फ्रांस में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए नया कानून: 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध और हाई स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक

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फ्रांस में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए नया कानून: 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध और हाई स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक

फ्रांस आधिकारिक रूप से यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है जिसने 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। सितम्बर 2026 से हाई स्कूलों में मोबाइल फोन का प्रयोग भी निषिद्ध कर दिया जाएगा। इस कानून ने 15 वर्ष की आयु को “डिजिटल मेजॉरिटी” घोषित किया है, जिसके तहत प्लेटफ़ॉर्म्स को सख्त आयु सत्यापन लागू करना होगा और जनवरी 2027 तक पुराने अकाउंट्स बंद करने होंगे।

फ्रांस के नये कानून की मुख्य विशेषताएँ:

1. सोशल मीडिया पर आयु सीमा

  • 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को 1 सितम्बर 2026 से सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं होगी।
  • पहले से बने अकाउंट्स को 1 जनवरी 2027 तक बंद करना अनिवार्य होगा।
  • यह नियम TikTok, Instagram, Snapchat, Facebook, YouTube जैसे सभी प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होगा।

2. अनिवार्य आयु सत्यापन

  • सभी सोशल मीडिया कंपनियों को CNIL (फ़्रांस की गोपनीयता नियामक संस्था) द्वारा अनुमोदित आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी।
  • सत्यापन के लिए आधिकारिक पहचान पत्र आधारित थर्ड-पार्टी ऐप्स का उपयोग किया जा सकता है।
  • जिम्मेदारी पूरी तरह प्लेटफ़ॉर्म्स पर होगी।

3. स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध

  • सितम्बर 2026 से हाई स्कूलों में मोबाइल फोन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
  • उद्देश्य: ध्यान भटकाव कम करना, पढ़ाई पर फोकस बढ़ाना और नागरिकता व पठन-पाठन को प्रोत्साहित करना।

कानून के उद्देश्य

  • किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा: आत्मसम्मान में कमी, आत्म-हानि, नशे और आत्महत्या जैसे खतरनाक कंटेंट से बचाव।
  • नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा: राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि सोशल मीडिया ध्यान छीन लेता है; बच्चों को पढ़ने और नागरिकता में भागीदारी की ओर प्रेरित करना ज़रूरी है।
  • यूरोप में मिसाल कायम करना: फ़्रांस पहला EU देश है जिसने “डिजिटल मेजॉरिटी” की कानूनी आयु 15 वर्ष तय की है।

आलोचनाएँ और चुनौतियाँ

  • गोपनीयता चिंताएँ: आयु सत्यापन से व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग का खतरा।
  • नियमों से बच निकलने की संभावना: बच्चे VPN या नकली ID से नियम तोड़ सकते हैं।
  • उद्योग का विरोध: सोशल मीडिया कंपनियाँ कहती हैं कि उनके पास पहले से सुरक्षा उपाय हैं, इसलिए पूर्ण प्रतिबंध अनुचित है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

  • फ़्रांस से पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में 16 वर्ष से कम आयु वालों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाया था।
  • यूरोपीय आयोग यह देख रहा है कि फ़्रांस का कानून EU डिजिटल नियमों के अनुरूप है या नहीं।
  • अन्य देशों में भी इसी तरह के कदम उठाए जाने की संभावना है।

फ़्रांस का यह कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम है, जिसमें 15 वर्ष की “डिजिटल मेजॉरिटी” तय की गई है, स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक लगाई गई है और सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त आयु सत्यापन लागू करने का आदेश दिया गया है।