ऑपरेशन FACE: फर्जी सिम नेटवर्क पर बालाघाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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ऑपरेशन FACE: फर्जी सिम नेटवर्क पर बालाघाट पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बालाघाट पुलिस का ऑपरेशन FACE
आपका चेहरा बताता है कि आपके पास कितने सिम हैं और आपकी डिजिटल पहचान क्या है।

बालाघाट पुलिस ने, एसपी आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में, फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क पर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग (DoT) की एक पहल, ऑपरेशन FACE (Facial Authentication and Compliance Enforcement) के तहत की गई थी।

इस ऑपरेशन में केवल 5 चेहरों की पहचान पर 450 फर्जी सिम कार्ड जारी किए जाने का खुलासा हुआ, जो पहचान सत्यापन प्रक्रियाओं के गंभीर दुरुपयोग को दर्शाता है।

C-DOT के ASTR सिस्टम जैसे फेशियल ऑथेंटिकेशन टूल्स ने भारत में पहले ही कई बड़े धोखाधड़ी के मामलों को सुलझाया है, जिसमें देश भर में 88 लाख से अधिक फर्जी सिमों को काटना, ऑपरेशन FACE के तहत रीवा और इंदौर में रैकेट का भंडाफोड़ करना और स्थानीय चुनावों के दौरान मतदाता धोखाधड़ी को रोकना शामिल है।

फर्जी सिम जारी करना:
सिर्फ 5 चेहरों का उपयोग करके 450 सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे, जो KYC (अपने ग्राहक को जानें) मानदंडों के व्यवस्थित उल्लंघन का संकेत देते हैं।

भौगोलिक विस्तार:
कई जिलों से इसके तार जुड़े पाए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • मंडला
  • डिंडोरी
  • भोपाल
  • उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से

कानूनी कार्रवाई:

  • कोतवाली थाने में तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।
  • व्यापक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

C-DOT टूल की भूमिका
इस धोखाधड़ी का पता लगाने में C-DOT (Centre for Development of Telematics) फेशियल ऑथेंटिकेशन टूल की भूमिका महत्वपूर्ण थी।

यह टूल कैसे काम करता है:

  • चेहरा प्रमाणीकरण: भेष बदलने से रोकने के लिए आवेदकों की लाइव छवियों का आधार-लिंक्ड तस्वीरों से मिलान करता है।
  • डुप्लिकेट पहचान: विभिन्न टेलीकॉम ऑपरेटरों के पास एक ही चेहरे पर जारी किए गए कई सिमों की पहचान करता है।
  • अनुपालन प्रवर्तन: सिम सक्रियण के लिए दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों का सख्त पालन सुनिश्चित करता है।

बालाघाट मामले में उपयोग:

  • टूल ने उन विसंगतियों को चिन्हित किया जहां सैकड़ों सिम केवल पांच चेहरे के प्रोफाइल से जुड़े थे।
  • इससे पुलिस और दूरसंचार अधिकारियों को जिलों में फर्जी जारी किए गए सिमों का पता लगाने में मदद मिली।
  • मामलों के पंजीकरण और SIT जांच का समर्थन करने के लिए डिजिटल साक्ष्य प्रदान किए।

जनहित में सलाह:

  • अजनबियों को अपने व्यक्तिगत दस्तावेज न सौंपें।
  • सिम कार्ड जारी करवाते समय स्वयं उपस्थित रहें।
  • सत्यापित करें कि बायोमेट्रिक और फेशियल ऑथेंटिकेशन ठीक से किया गया है।

उपलब्धियाँ – DoT का AI-आधारित ASTR (अस्त्र):

  1. 2022 से सक्रिय संचालन
  2. 88 लाख+ संदिग्ध सिम कार्ड का पुनः सत्यापन कर डिस्कनेक्शन किया गया
  3. 74,000 पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंटों को ब्लैकलिस्ट किया गया
  4. 400 एफआईआर विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज की गईं

महत्व:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती: फर्जी सिमों का उपयोग अक्सर साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और संगठित अपराध में किया जाता है।
  • परिचालन प्रभाव: SIT द्वारा नेटवर्क के ध्वस्त होने से कई राज्यों में हो रहे दुरुपयोग पर लगाम लगेगी।
  • नीति प्रवर्तन: यह दूरसंचार बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में ऑपरेशन FACE और C-DOT टूल की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करता है।

यह मामला तकनीक-संचालित पुलिसिंग का एक ऐतिहासिक उदाहरण है, जहाँ फेशियल ऑथेंटिकेशन टूल सीधे तौर पर कानून प्रवर्तन को साइबर-सक्षम धोखाधड़ी रोकने में सहायता कर रहे हैं।