ऑपरेशन Cy-Hawk — संगठित साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की निर्णायक कार्रवाई

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ऑपरेशन Cy-Hawk — संगठित साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की निर्णायक कार्रवाई

ऑपरेशन Cy-Hawk दिल्ली पुलिस द्वारा शुरू किया गया एक रणनीतिक साइबर अपराध विरोधी अभियान है, जिसका उद्देश्य संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क को खत्म करना, डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाना और भारत के साइबर हाइजीन मॉडल को सक्रिय प्रवर्तन और नागरिक जागरूकता के माध्यम से मजबूत करना है ।

ऑपरेशन Cy-Hawk क्या है?

ऑपरेशन Cy-Hawk, दिल्ली पुलिस द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जो बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए बनाई गई है। यह धोखाधड़ी सिंडिकेट्स, डिजिटल पहचान की चोरी, वित्तीय घोटालों और तकनीक आधारित शोषण को लक्षित करता है, जिसमें खुफिया जानकारी, तकनीक और जनसंपर्क का मिश्रण शामिल है।

ऑपरेशन Cy-Hawk के तहत किए गए प्रमुख प्रयास

1. संगठित साइबर अपराध पर कार्रवाई

  • अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी, जिनमें UltraViewer और AnyDesk जैसे रिमोट एक्सेस टूल्स का उपयोग करने वाले शामिल हैं।
  • फर्जी कॉल सेंटर, फ़िशिंग हब और म्यूल अकाउंट ऑपरेटरों पर कार्यवाही

2. रियल-टाइम इंटेलिजेंस और निगरानी

  • AI आधारित विश्लेषण, IP ट्रेसिंग और डिजिटल फॉरेंसिक का उपयोग कर धोखाधड़ी के पैटर्न को ट्रैक किया गया।
  • CERT-In, बैंकों और टेलीकॉम प्रदाताओं के साथ मिलकर धोखाधड़ी प्रयासों को रोकना और संदिग्ध लेनदेन को फ्रीज़ करना

3. जन जागरूकता और आउटरीच

  • सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से साइबर सुरक्षा सलाह।
  • नागरिकों के लिए रिमोट एक्सेस स्कैम, OTP धोखाधड़ी और सेक्सटॉर्शन से बचने की सलाह

4. क्षमता निर्माण और अधिकारी प्रशिक्षण

  • पुलिस कर्मियों के लिए साइबर अपराध जांच, डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन और पीड़ित सहायता पर तकनीकी कार्यशालाएं।
  • साइबर मामलों में तेज़ FIR पंजीकरण और प्रतिक्रिया के लिए e-FIR सिस्टम।

डिजिटल सुरक्षित भारत मॉडल पर प्रभाव

  • नागरिक विश्वास को बढ़ाता है: तेज़ कार्रवाई और पारदर्शिता नागरिकों को आश्वस्त करती है कि डिजिटल धोखाधड़ी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
  • रोकथाम ढांचे को मजबूत करता है: SOPs और सार्वजनिक सलाह से पीड़ितों की संख्या कम होती है और साइबर हाइजीन बेहतर होती है।
  • संस्थागत तत्परता को बढ़ाता है: प्रशिक्षित अधिकारी और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग बदलते खतरों के प्रति अधिक लचीला बनाती है।
  • सहयोगात्मक शासन को बढ़ावा देता है: बैंकों, टेक कंपनियों और नागरिक समाज के साथ साझेदारी एक मजबूत सुरक्षा नेटवर्क बनाती है।