ऑपरेशन “CyHawk” – दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी साइबर धोखाधड़ी विरोधी कार्रवाई

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ऑपरेशन “CyHawk” – दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी साइबर धोखाधड़ी विरोधी कार्रवाई

“ऑपरेशन CyHawk दिल्ली पुलिस की खुफ़िया-आधारित और तकनीक-प्रेरित पुलिसिंग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन नेटवर्कों की वित्तीय और परिचालन रीढ़ पर प्रहार कर हमने संगठित साइबर धोखाधड़ी को निर्णायक झटका दिया है। यह ऑपरेशन स्पष्ट संदेश देता है—जो नागरिकों का डिजिटल माध्यम से शोषण करेंगे, उन्हें पहचाना जाएगा, ट्रैक किया जाएगा और न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”
— श्री सतीश गोलछा, आईपीएस, पुलिस आयुक्त, दिल्ली

ऑपरेशन CyHawk दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा, खुफ़िया-आधारित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर धावा है। इसे पुलिस आयुक्त, दिल्ली, श्री सतीश गोलछा, आईपीएस के नेतृत्व में और गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से अंजाम दिया गया। यह ऑपरेशन प्रतिक्रियात्मक पहचान से आगे बढ़कर सक्रिय रूप से साइबर अपराध तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

Highlights

  • सबसे बड़ा समन्वित अभियान: दिल्ली के कई जिलों में एक साथ छापेमारी।
  • रणनीतिक नेतृत्व: पुलिस आयुक्त, दिल्ली, श्री सतीश गोलछा, आईपीएस द्वारा संचालित।
  • सिंडिकेट्स का विघटन: साइबर धोखाधड़ी मॉड्यूल की वित्तीय रीढ़ तोड़ी गई।
  • खुफ़िया तैयारी: I4C, गृह मंत्रालय के साथ एक माह की तैयारी।

बड़े पैमाने पर कार्रवाई:

  • 8371 संदिग्धों को पूछताछ हेतु पकड़ा गया।
  • 1429 अभियुक्तों को गिरफ्तार/बाउंड डाउन किया गया।
  • 2203 नोटिस जारी किए गए।

कानूनी कार्रवाई:

  • 499 नए एफआईआर दर्ज।
  • 324 लंबित मामलों में गिरफ्तारी।
  • कॉल सेंटर निष्क्रिय: नौकरी घोटाले, डिजिटल गिरफ्तारी, टेलीमार्केटिंग और टेक-सपोर्ट धोखाधड़ी रोकी गई।
  • शिकायतों का लिंक: 3564 NCRP शिकायतें म्यूल खातों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों से जोड़ी गईं।
  • वित्तीय प्रभाव: ₹519 करोड़ की धोखाधड़ी राशि म्यूल खातों से जुड़ी।
  • सबूत बरामद: मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव, सिम कार्ड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, रजिस्टर और वित्तीय दस्तावेज जब्त।

ऑपरेशनल रणनीति
ऑपरेशन का लक्ष्य साइबर अपराध की वित्तीय श्रृंखला को तोड़ना था:

  • म्यूल खाते जिनमें धोखाधड़ी की राशि जमा और लेयर की जाती थी।
  • नकद निकासी करने वाले एजेंट।
  • अवैध कॉल सेंटर जो धोखाधड़ी में संलिप्त थे।

इस बहु-आयामी रणनीति ने दिल्ली में कई साइबर मॉड्यूल को निष्क्रिय कर दिया।

परिणाम

  1. 8371 व्यक्तियों को पूछताछ हेतु पकड़ा गया।
  2. 1404 अभियुक्त गिरफ्तार/बाउंड डाउन।
  3. 2203 नोटिस जारी।
  4. 499 नए एफआईआर दर्ज।
  5. 324 लंबित मामलों में प्रगति।
  6. 3564 NCRP शिकायतें लिंक की गईं।
  7. ₹519 करोड़ की धोखाधड़ी राशि का पता चला।
  8. कई अवैध कॉल सेंटर निष्क्रिय।
  9. डिजिटल सबूत जब्त और फॉरेंसिक विश्लेषण हेतु भेजे गए।

जन सलाह: साइबर सुरक्षित रहें, साइबर समझदार बनें

  • STOP – THINK – ACT डिजिटल सुरक्षा मंत्र अपनाएँ।
  • बैंक विवरण, पिन, सीवीवी या पहचान दस्तावेज साझा न करें।
  • ग्राहक सेवा नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें।
  • स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स किसी के कहने पर न इंस्टॉल करें।
  • दो-स्तरीय प्रमाणीकरण सक्षम करें।
  • धोखाधड़ी प्रयासों की रिपोर्ट Sanchar Saathi ऐप या NCRP पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर करें।
  • साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट तुरंत 1930 पर करें।

साइबर जागरूकता पहल
दिल्ली पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रमों को तेज किया है:

  • ट्विटर हैंडल और व्हाट्सऐप चैनलों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली पर व्यापक अभियान।
  • स्कूलों, RWAs, बाज़ारों और संस्थानों में कार्यशालाएँ।
  • शिक्षकों और सामुदायिक नेताओं को साइबर जाल पहचानने का प्रशिक्षण।

ऑपरेशन CyHawk साइबर प्रवर्तन में एक नया मानक स्थापित करता है। यह दिल्ली पुलिस की दृढ़ संकल्पना को दर्शाता है कि साइबर अपराध तंत्र को ध्वस्त कर नागरिकों को डिजिटल शोषण से बचाया जाए।