Be the Police और Cyber Safe ऐसी दो पहल हैं जो प्रत्येक नागरिक को पुलिस अधिकारी और साइबर योद्धा की तरह कार्य करने के लिए सक्षम बनाती हैं।
आज हम चर्चा करेंगे कि कोई नागरिक धोखाधड़ी वाले कॉल, संदेश या ईमेल को पुलिस की तरह कैसे रिपोर्ट कर सकता है, और यदि किसी को लगता है कि उसका नंबर या ईमेल गलती से ब्लॉक हो गया है तो उसे कैसे पुनः सक्रिय किया जा सकता है।
इसमें एक महत्वपूर्ण साधन है Suspect Repository, जो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। इसका उद्देश्य नागरिकों को संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट लिंक साझा करने और जाँचने की सुविधा देना है।
Suspect Repository उपयोग की प्रक्रिया
1. पोर्टल पर जाएँ
2. संदिग्ध जानकारी दर्ज करें
3. विवरण जोड़ें
4. सबमिट करें
5. रिपॉज़िटरी में खोजें
6. नागरिकों के लिए लाभ
Suspect Repository एक सामूहिक सुरक्षा तंत्र है, जहाँ नागरिक और अधिकारी मिलकर संदिग्ध डिजिटल पहचान को चिन्हित करते हैं। इससे धोखाधड़ी रोकने और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।
अपील और ग्रिवेन्स मैकेनिज़्म
यदि किसी को लगता है कि उसका नंबर या ईमेल गलती से ब्लॉक हो गया है, तो वह नीचे दिए गए अपील और ग्रिवेन्स मैकेनिज़्म का प्रयोग कर सकता है।
यदि कोई व्यक्ति किसी मध्यस्थ (Intermediary) के Grievance Officer के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह Grievance Appellate Committee (GAC) के समक्ष 30 दिनों के भीतर अपील कर सकता है।
GAC उन अपीलों से संबंधित है जो उपयोगकर्ताओं (Digital Nagriks) द्वारा सोशल मीडिया मध्यस्थों और अन्य मध्यस्थों के Grievance Officers के निर्णयों के विरुद्ध की जाती हैं। ये अपील नियमों के उल्लंघन या मध्यस्थ द्वारा उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर संसाधनों से संबंधित मामलों पर आधारित होती हैं।
GAC की विशेषताएँ
ध्यान दें
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