केस स्पॉटलाइट: ₹10 करोड़ पाकिस्तान भेजे गए क्रिप्टो के माध्यम से
प्रणालीगत चूक: बैंक अनजाने में मददगार बने
KYC में खामियां:
लेन-देन निगरानी में कमी:
बेनिफिशियल ओनरशिप की जांच नहीं:
समाधान: वित्तीय सुरक्षा दीवार को मजबूत करना
बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए
1. AI आधारित ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग:
2. KYC को सख्त और समय-समय पर पुनः सत्यापन:
3. बेनिफिशियल ओनरशिप ऑडिट:
4. जियो-फ्लैगिंग और क्रिप्टो रिस्क अलर्ट:
कानून प्रवर्तन और नियामकों के लिए
1. संयुक्त टास्क फोर्स:
2. क्रिप्टो एक्सचेंज अनुपालन ऑडिट:
3. जन जागरूकता अभियान:
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