मेटा (व्हाट्सएप), टेलीग्राम और सिग्नल — तीनों को MeitY द्वारा उनके यूज़रनेम फीचर के संबंध में नोटिस जारी किया गया था। 10 जुलाई 2026 तक मेटा और टेलीग्राम ने अपने जवाब प्रस्तुत कर दिए हैं, जबकि सिग्नल ने अभी तक औपचारिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। सरकार इन प्रस्तुतियों की समीक्षा कर रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) की धारा 79 के अंतर्गत इंटरमीडियरीज़ को "सेफ हार्बर" (Safe Harbour) का संरक्षण तभी प्राप्त होता है, जब वे सरकार द्वारा निर्धारित ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) का पालन करें। सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत इंटरमीडियरीज़ को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, फ़िशिंग या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए न हो।
1. मेटा (व्हाट्सएप)
नोटिस जारी: 1 जुलाई 2026
MeitY की प्रमुख चिंताएँ:
मेटा का जवाब (8–9 जुलाई 2026):
प्रस्तावित सुरक्षा उपाय:
स्थिति: मामला समीक्षा में है; अभी अंतिम मंज़ूरी नहीं मिली है।
2. टेलीग्राम
नोटिस जारी: 3 जुलाई 2026
MeitY की चिंताएँ:
टेलीग्राम का जवाब (9–10 जुलाई 2026):
स्थिति: जवाब प्राप्त हो चुका है; सरकारी समीक्षा जारी है।
3. सिग्नल
नोटिस जारी: 3 जुलाई 2026
जवाब की स्थिति:
MeitY की चिंताएँ:
स्थिति: जवाब लंबित है तथा MeitY को अभी तक किसी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी नहीं दी गई है।
MeitY द्वारा उजागर प्रमुख जोखिम
निष्कर्ष
भारत में यूज़रनेम आधारित मैसेजिंग के भविष्य को लेकर सरकार का अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण होगा। यह तय करेगा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता (Privacy) और साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम (Fraud Prevention) के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाए।
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