“साइबर कमांडो”, जो शीर्ष तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित हैं, हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तेजक, भ्रामक और धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन कंटेंट की वास्तविक समय में निगरानी और कार्रवाई के लिए तैनात किए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान पहली बार साइबर कमांडो की तैनाती की गई है।
दस विशेष रूप से प्रशिक्षित “साइबर कमांडो” को उत्तराखंड पुलिस ने आगामी कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार में तैनात किया है, जो 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है। ये अधिकारी, शीर्ष तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित, वास्तविक समय में उत्तेजक, भ्रामक और धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी एवं उस पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
प्रशिक्षण एवं संस्थान
प्रशिक्षण स्रोत: भारत के शीर्ष तकनीकी संस्थान (जैसे IITs तथा अन्य राज्यों में नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी)।
अर्जित कौशल:
भूमिकाएँ एवं ज़िम्मेदारियाँ
रणनीतिक महत्व
चुनौतियाँ
हरिद्वार में 10 साइबर कमांडो की तैनाती भारत की विकसित होती साइबर अपराध-रोधी रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्नत डिजिटल फॉरेंसिक तथा एआई-आधारित खतरे की पहचान में उनका प्रशिक्षण उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों तीर्थयात्रियों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यह पहल भविष्य में पूरे देश में साइबर रक्षा तंत्र के विस्तार के लिए एक प्रभावी पायलट मॉडल के रूप में भी देखी जा रही है।
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