कंबोडिया के बावेट शहर में हुए बड़े पैमाने पर छापे ने यह उजागर किया है कि साइबर धोखाधड़ी अब एक अत्यधिक संगठित, लाभ-उन्मुख उद्योग में बदल चुकी है—जो पेशेवर ढंग से काम करके करोड़ों की कमाई कर रही है और वैश्विक पीड़ितों का शोषण कर रही है।
इस कार्रवाई में 2,000 से अधिक विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 36 भारतीय भी शामिल हैं। यह इन संदिग्ध व्यवसायों के पैमाने और परिष्कार को सामने लाता है।
छापेमारी: पैमाना और प्रभाव
तिथि और स्थान
31 जनवरी 2026, बावेट सिटी, स्वाय रियांग प्रांत, कंबोडिया
ऑपरेशन का आकार
700 पुलिस अधिकारियों ने वान चेंग (A7) कैसिनो परिसर की 22 आपस में जुड़ी इमारतों पर एक साथ छापा मारा।
हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिक (कुल 2,044)
कंबोडियाई पुलिस का संदेश
साइबर अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। कंबोडिया धोखाधड़ी सिंडिकेट्स को बर्दाश्त नहीं करेगा।
“प्रोफेशनल बिज़नेस” के रूप में स्कैम कम्पाउंड
ये धोखाधड़ी केंद्र कॉर्पोरेट कंपनियों की तरह काम करते हैं और करोड़ों की अवैध कमाई करते हैं।
संरचित कार्यबल
पीड़ितों को झूठे नौकरी प्रस्तावों से फुसलाकर या मानव तस्करी के जरिए लाया जाता है और ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
तकनीक और ढांचा
कॉल सेंटर, नकली वेबसाइटें और क्रिप्टो वॉलेट्स के माध्यम से संगठित ढंग से धन शोधन किया जाता है।
वैश्विक लक्ष्य
धोखेबाज बैंक, निवेश कंपनियों या रोमांटिक पार्टनर का रूप धारण कर दुनिया भर के लोगों को निशाना बनाते हैं।
लाभप्रदता
एक ही परिसर में हजारों कर्मचारियों की मौजूदगी यह दिखाती है कि साइबर धोखाधड़ी को एक सुव्यवस्थित व्यापार मॉडल माना जाता है, न कि कोई छोटा अपराध।
यह मॉडल इतना लाभकारी क्यों है
कम जोखिम, अधिक लाभ
छापेमारियों से पहले तक ये कम्पाउंड लगभग बिना किसी बड़े हस्तक्षेप के संचालित होते रहे।
सीमापार पीड़ित
एशिया, यूरोप और अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर आय के स्रोत बढ़ाए जाते हैं।
पेशेवर ढांचा
कॉर्पोरेट शैली की पदानुक्रम, प्रशिक्षण मॉड्यूल और प्रदर्शन मानक अपनाए जाते हैं—फर्क सिर्फ इतना है कि उद्देश्य अपराध है।
भारत का संबंध
36 भारतीय हिरासत में
यह दर्शाता है कि भारतीय नागरिक दोनों भूमिकाओं में सामने आए हैं—कुछ पीड़ित के रूप में और कुछ धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल।
भारत–कंबोडिया सहयोग
भारतीय अधिकारी पहचान सत्यापन, पीड़ितों की वापसी और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कंबोडियाई पुलिस के साथ समन्वय करेंगे।
जोखिम और सीख
नागरिकों के लिए
विदेशों से आने वाले ऑनलाइन नौकरी प्रस्तावों की गहन जांच करें, विशेषकर दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े प्रस्तावों की।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए
यह कार्रवाई दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करना अनिवार्य है।
नीति निर्माताओं के लिए
साइबर धोखाधड़ी अब एक औद्योगिक-स्तरीय अपराध बन चुकी है, जिसके लिए सख्त और आधुनिक नीतिगत उपाय जरूरी हैं।
निष्कर्ष
बावेट की यह छापेमारी इस सच्चाई की सख्त याद दिलाती है कि साइबर धोखाधड़ी अब एक पेशेवर, अरबों डॉलर का वैश्विक उद्योग बन चुकी है, जो कॉर्पोरेट संरचनाओं की नकल पर चलता है।
कंबोडिया की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन ऐसे केन्द्रों का अस्तित्व यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक सतर्कता, मजबूत साइबर कानून और नागरिक जागरूकता की तत्काल आवश्यकता है ताकि डिजिटल विश्वास का दुरुपयोग रोका जा सके।
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