कंबोडिया आधारित SIM स्कैम रैकेट: भारत के लिए बढ़ता साइबर खतरा

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कंबोडिया आधारित SIM स्कैम रैकेट: भारत के लिए बढ़ता साइबर खतरा

कंबोडिया के स्कैम हब्स से चल रहे धोखाधड़ी तंत्र को समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि ये भारतीय अर्थव्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश है।
भारत से तस्करी कर ले जाए गए और पहले से सक्रिय किए गए SIM कार्ड उतने ही खतरनाक हैं जितने SIM बॉक्स—बल्कि उनसे भी अधिक—क्योंकि इन्हें पकड़ना कहीं ज्यादा कठिन होता है।

तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो भारतीय SIM कार्डों को अवैध रूप से खरीदकर, सक्रिय कर, कंबोडिया भेज रहा था। वहाँ साइबर अपराध सिंडिकेट्स इनका इस्तेमाल फ़िशिंग, फर्जी कॉल, पहचान की चोरी और वसूली के लिए कर रहे थे।

2023 से अब तक गिरोह ने 600 से अधिक SIM कार्ड भेजे। एक कुरियर हैदराबाद एयरपोर्ट पर 198 सक्रिय SIM कार्डों के साथ पकड़ा गया।

SIM कार्ड रैकेट की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

1. SIM कार्ड की खरीद

  • हैदराबाद और अन्य क्षेत्रों के स्थानीय विक्रेता बड़ी संख्या में SIM कार्ड जुटाते थे।
  • नकली दस्तावेज़ और पहचान का उपयोग कर इन्हें सक्रिय किया जाता था, जिससे KYC नियमों को दरकिनार किया गया।

2. पूर्व-सक्रियण और भंडारण

  • SIM कार्ड भारत में ही सक्रिय कर दिए जाते थे।
  • गिरफ्तारी के समय एक आरोपी के पास 198 सक्रिय SIM कार्ड मिले।

3. कंबोडिया तक तस्करी

  • कुरियर SIM कार्डों को बैग में छिपाकर RGIA, शमशाबाद से उड़ान भरने की कोशिश करते।
  • इमिग्रेशन अधिकारियों की सूचना पर TGCSB ने कार्रवाई की।

4. वितरण

  • सैकड़ों SIM कार्ड कंबोडिया और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई स्कैम हब्स तक पहुँचाए जाते।
  • वहाँ इन्हें संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट्स को सौंप दिया जाता।

5. स्कैम इंफ्रास्ट्रक्चर

  • कंबोडिया में SIM कार्ड SIM Banks/SIM Boxes में लगाए जाते, जो एक साथ सैकड़ों SIM चला सकते हैं।
  • इनसे बड़े पैमाने पर कॉल, OTP रिक्वेस्ट और फ़िशिंग मैसेज भेजे जाते, जो भारतीय नंबर से आते हुए प्रतीत होते।

6. धोखाधड़ी का निष्पादन

भारत में पीड़ितों को कॉल/SMS मिलता जो वैध भारतीय नंबर जैसा दिखता।
प्रमुख धोखाधड़ी:

  • फ़िशिंग लिंक (नकली बैंकिंग/पेमेंट पोर्टल)
  • फर्जी कॉल (पुलिस, बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर)
  • OTP चोरी कर अकाउंट पर कब्ज़ा
  • स्पूफ़्ड नंबर से वसूली और धमकी

7. धोखाधड़ी का पैमाना

  • TGCSB ने बताया कि 2025 में पूरे भारत में 24 लाख पीड़ितों ने ₹22,000 करोड़ गँवाए, जिनमें से कई मामले विदेशी सिंडिकेट्स द्वारा भारतीय SIM के इस्तेमाल से जुड़े थे।

प्रमुख गिरफ्तारियाँ

  • सैयद अशरफ़ अली, चंद्रायनगुट्टा, हैदराबाद का SIM विक्रेता, मुख्य आरोपी था।
  • वह और उसके चार साथी SIM कार्ड कंबोडिया भेजने की कोशिश में पकड़े गए।

जोखिम और प्रभाव

  • राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा: भारतीय SIM विदेश में जाकर धोखेबाज़ों को घरेलू कॉलर जैसा दिखने देता है।
  • आर्थिक नुकसान: नागरिकों से करोड़ों रुपये ठगे गए।
  • नियामक खामियाँ: KYC नियमों की कमजोर निगरानी का फायदा उठाया गया।

सुझाए गए रोकथाम उपाय

  • टेलीकॉम कंपनियों द्वारा SIM KYC नियमों का सख्ती से पालन ही रोकथाम का प्रभावी उपाय है।
  • देश की अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस कार्यप्रणाली के मद्देनज़र अपने खुफिया तंत्र को मज़बूत कर ऐसे और भी सिंडिकेट्स का पता लगाकर उनका पर्दाफाश करना चाहिए।