कैश ऑन डिलीवरी (COD) स्कैम का खुलासा: संगठित साइबर ठगी का नया चेहरा

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कैश ऑन डिलीवरी (COD) स्कैम का खुलासा: संगठित साइबर ठगी का नया चेहरा

“साइबर ठगों का नया पैतरा: कैश ऑन डिलीवरी स्कैम”
कोलकाता पुलिस ने “कैश ऑन डिलीवरी” (COD) सिस्टम का दुरुपयोग करने वाले एक राष्ट्रीय स्तर के साइबर अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। दक्षिण कोलकाता में छापेमारी के दौरान 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नौ महिलाएँ भी शामिल हैं। गिरोह ने नकली कुरियर पहचान और डिजिटल भुगतान चालों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन खरीदारों को ठगा। यह हाल के वर्षों में COD धोखाधड़ी पर सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।

मामले की मुख्य बातें

  • ऑपरेशन की तारीख: 22–23 अप्रैल, 2026
  • छापेमारी स्थल: हिंदुस्तान पार्क (गरियाहाट) और बालीगंज स्टेशन रोड, दक्षिण कोलकाता
  • गिरफ्तारियाँ: 17 लोग, जिनमें बार बार अपराध करने वाला भी शामिल
  • जब्त सामान: 47 फिक्स्ड वायरलेस फोन, 43 मोबाइल हैंडसेट, 14 सक्रिय सिम कार्ड, लक्षित डेटाबेस वाले लैपटॉप

कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

  • COD ग्राहकों को निशाना बनाना: सिंडिकेट ने उन खरीदारों की डिजिटल जानकारी हासिल की जिन्होंने COD ऑर्डर दिए थे।
  • प्रतिरूपण: ठगों ने नकली आईडी और लोगो का उपयोग कर खुद को डिलीवरी एजेंट या कंपनी अधिकारी बताया।
  • भुगतान धोखाधड़ी: पीड़ितों को QR कोड या मोबाइल ट्रांसफर के माध्यम से भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया, जैसे “COD एडवांस,” “रिफंड प्रोसेसिंग,” या “कैशबैक ऑफर” के बहाने।
  • धोखा: असली डिलीवरी एजेंट बाद में पहुँचे, तब तक पैसा नकली खातों में siphon हो चुका था।

प्रभाव

  • पीड़ित: कम से कम 50 शिकायतें देशभर से जुड़ीं, जिनमें उत्तरी भारत में अधिक मामले सामने आए।
  • पैमाना: सिंडिकेट ने उन्नत तकनीक और मानव संसाधन वाले कॉल सेंटर चलाए, जो पूरे भारत में पीड़ितों को निशाना बनाते थे।
  • सार्वजनिक जोखिम: अधिकारियों ने इस स्कैम को COD सिस्टम पर भरोसे का फायदा उठाने वाली “डिजिटल डकैती” की लहर बताया।

पुलिस परामर्श

  • COD ऑर्डर का भुगतान QR कोड या मोबाइल ट्रांसफर से न करें। असली डिलीवरी एजेंट केवल नकद/कार्ड स्वीकार करते हैं।
  • कॉलर की पहचान सत्यापित करें: कुरियर कंपनियाँ COD डिलीवरी के लिए कभी अग्रिम भुगतान नहीं मांगतीं।
  • संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या हेल्पलाइन 1930 का उपयोग करें।

व्यापक निहितार्थ

  • साइबर अपराध का विकास: दिखाता है कि ठग लोकप्रिय ई कॉमर्स प्रथाओं का शोषण कर रहे हैं।
  • चुनाव सुरक्षा संदर्भ: छापेमारी कोलकाता में चुनावों के दौरान बढ़ी सुरक्षा के बीच हुई।
  • बार बार अपराधी: अविक बोस को 2024 में इसी तरह के स्कैम के लिए पहले भी गिरफ्तार किया गया था।

सिफारिशें

  • कानून प्रवर्तन: कॉल सेंटर और डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी नेटवर्क की निगरानी को मजबूत करें।
  • ई कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म: COD ऑर्डर के लिए ग्राहक सत्यापन और अलर्ट सिस्टम बढ़ाएँ।
  • जन जागरूकता: COD लेन देन में अग्रिम डिजिटल भुगतान के खिलाफ अभियान चलाएँ।
  • नीति: COD तंत्र के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियमन पर विचार करें।

कोलकाता पुलिस की कार्रवाई यह दर्शाती है कि COD संगठित साइबर अपराध नेटवर्क में बदल रहे हैं। हमेशा याद रखें, डिजिटल सतर्कता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी भौतिक सुरक्षा।

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