साइबर अपराध शिकायतों के त्वरित पंजीकरण हेतु ई ज़ीरो एफआईआर प्रणाली को अपनाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 52वीं प्रगति बैठक में, जो 24 जून 2026 को सेवा तीर्थ, नई दिल्ली में आयोजित हुई, विशेष बल दिया।
उन्होंने साइबर अपराध और “डिजिटल अरेस्ट” धोखाधड़ी से निपटने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्मों को समन्वित, समयबद्ध तंत्र अपनाने, ई ज़ीरो एफआईआर प्रणाली लागू करने, तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता अभियान तेज करने का निर्देश दिया।
52वीं प्रगति बैठक की प्रमुख बातें (साइबर अपराध मुद्दे)
साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी
क्यों ई-ज़ीरो एफआईआर प्रणाली महत्वपूर्ण है
त्वरित प्रतिक्रिया
क्षेत्राधिकार-मुक्त रिपोर्टिंग
वास्तविक समय समन्वय
डेटा इंटेलिजेंस
कानूनी मजबूती
नागरिकों का विश्वास
साइबर अपराध प्रतिक्रिया का रणनीतिक महत्व
पीएम मोदी के निर्देश (साइबर अपराध फोकस)
52वीं प्रगति बैठक भारत की साइबर अपराध से लड़ाई में एक निर्णायक कदम है, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए गति, संवेदनशीलता और समन्वय पर विशेष जोर दिया।
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