ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग: कारण, बचाव और चालक व यात्रियों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय

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ई-रिक्शा बैटरी हैकिंग: कारण, बचाव और चालक व यात्रियों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ई-रिक्शा हैक की घटनाएँ रिपोर्ट हुई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बना देती हैं। आइए समझते हैं कि ई-रिक्शा हैक कैसे संभव होता है और इस समस्या का समाधान सरल तरीकों से कैसे किया जा सकता है।

हैक कैसे होता है?

ई-रिक्शा हैक इसलिए संभव होता है क्योंकि कई लिथियम-आयन बैटरियों में ब्लूटूथ सुविधा चालू रहती है और उन पर पर्याप्त पासवर्ड सुरक्षा नहीं होती। कोई भी व्यक्ति लगभग 15 मीटर की दूरी से BAT BMS या Lossigy जैसे ऐप के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट होकर "Discharge Switch" सक्रिय कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप बैटरी तुरंत बंद हो जाती है और ई-रिक्शा बीच रास्ते में रुक जाता है।

मुख्य कारण

• पासवर्ड सुरक्षा का अभाव:
कम लागत वाले या अनब्रांडेड BMS यूनिट्स में डिफ़ॉल्ट पासवर्ड (जैसे "1234" या "0000") होता है या कई बार कोई पासवर्ड ही नहीं होता।

• ओपन ब्लूटूथ कनेक्शन:
कोई भी स्मार्टफोन BAT BMS जैसे ऐप से बैटरी को पहचानकर उससे कनेक्ट हो सकता है।

• डिस्चार्ज कमांड का दुरुपयोग:
ऐप में मौजूद "Discharge Switch" दबाने पर बैटरी आउटपुट MOSFET बंद हो जाता है, जिससे मोटर कंट्रोलर को बिजली मिलना बंद हो जाती है और ई-रिक्शा तुरंत रुक जाता है।

• रीस्टार्ट की समस्या:
बैटरी को दोबारा चालू करने के लिए उसी ऐप से कमांड देना पड़ता है। केवल इग्निशन की (Key) से वाहन स्टार्ट नहीं होता।

चरण-दर-चरण रोकथाम गाइड
1. ब्लूटूथ पासवर्ड बदलें

  • BAT BMS या Lossigy ऐप (यदि इंस्टॉल है) खोलें।
  • अपनी ई-रिक्शा बैटरी से कनेक्ट करें।

2. ब्लूटूथ एक्सेस बंद करें

  • Settings → Parameter Settings → Change Password पर जाएँ।
  • एक मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करें। "1234" या "0000" जैसे डिफ़ॉल्ट पासवर्ड का उपयोग न करें।
  • इससे केवल अधिकृत व्यक्ति ही बैटरी कंट्रोल्स तक पहुँच पाएगा।
  • यदि बैटरी में यह सुविधा उपलब्ध हो, तो आवश्यकता न होने पर ब्लूटूथ बंद रखें।
  • कुछ मॉडलों में फिजिकल स्विच या ऐप सेटिंग के माध्यम से वायरलेस कनेक्टिविटी बंद की जा सकती है।

3. बैटरी फ़र्मवेयर अपडेट करें

  • इससे कोई बाहरी व्यक्ति बैटरी से कनेक्ट नहीं कर पाएगा।
  • बैटरी निर्माता या अधिकृत डीलर से संपर्क करें।
  • नवीनतम फ़र्मवेयर/सॉफ़्टवेयर अपडेट प्राप्त करें, जिसमें सुरक्षित ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल शामिल हों।

​​​​​​​4. सुरक्षित BMS सिस्टम का उपयोग करें

  • नियमित अपडेट ज्ञात सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने में मदद करते हैं।
  • ऐसी बैटरियों का चयन करें जिनमें प्रोपाइटरी (Proprietary) या पासवर्ड-सुरक्षित BMS सिस्टम उपलब्ध हो।
  • ऐसे सिस्टम BAT BMS जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स की अनधिकृत पहुँच को रोकते हैं।

​​​​​​​5. सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें

  • लेड-एसिड बैटरियाँ अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि उनमें ब्लूटूथ सुविधा नहीं होती।
  • भारत सरकार ने Apple और Google को BAT BMS, Lossigy, Epoch Li-ion जैसे जोखिमपूर्ण ऐप्स की समीक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
  • यदि बैटरी निर्माता द्वारा आधिकारिक रूप से आवश्यकता न हो, तो ऐसे ऐप्स को अनइंस्टॉल कर दें।
  • हमेशा दिल्ली पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा एडवाइजरी का पालन करें।

यदि सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाए तो संभावित जोखिम

• सफ़र के दौरान अचानक वाहन बंद होना
दुर्घटना और यात्रियों के घायल होने का खतरा बढ़ जाता है।

• बैटरी लॉकआउट
ऐप के बिना वाहन दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकता।

• साइबर सुरक्षा खतरा
असुरक्षित सिस्टम का दुरुपयोग कर शरारती तत्व वाहन संचालन में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।

• कानूनी ज़िम्मेदारी
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता होने पर चालक या संबंधित पक्ष के विरुद्ध शिकायत दर्ज हो सकती है।

दिल्ली के ई-रिक्शा चालकों के लिए विशेष सलाह

नई दिल्ली में ई-रिक्शाओं की संख्या अधिक होने के कारण बैटरी सिस्टम को सुरक्षित बनाना अत्यंत आवश्यक है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ऐसी घटनाएँ रिपोर्ट होने के कारण यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। दिल्ली सरकार भी ई-रिक्शाओं के लिए सख़्त पंजीकरण एवं अनुपालन नीतियों पर विचार कर रही है, जिनमें भविष्य में सुरक्षित और पासवर्ड-संरक्षित BMS सिस्टम को अनिवार्य किया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक ई-रिक्शा चालक को समय रहते अपनी बैटरी की सुरक्षा सेटिंग्स की जाँच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।