On this page
दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व जोखिम-आधारित हस्तक्षेप लागू किए हैं। Financial Fraud Risk Indicator (FRI) और AI-आधारित ASTR एनालिटिक्स साइबर और टेलीकॉम धोखाधड़ी को रोकने के लिए शक्तिशाली उपकरण बनकर उभरे हैं, जिससे नागरिकों का डिजिटल लेन-देन पर विश्वास मजबूत हुआ है।
1. प्रमुख उपलब्धियाँ
- मई 2025 में लॉन्च के छह महीनों के भीतर ₹1,400+ करोड़ की धोखाधड़ी रोकी गई।
- FRI तंत्र: मोबाइल नंबरों का रियल-टाइम जोखिम स्कोरिंग प्रदान करता है, जिससे बैंक, UPI प्लेटफ़ॉर्म और भुगतान ऑपरेटर संदिग्ध लेन-देन को तुरंत रोक सकते हैं या नागरिकों को चेतावनी जारी कर सकते हैं।
- संस्थागत सहयोग: 1,200+ संस्थान (बैंक, UPI खिलाड़ी, भुगतान ऑपरेटर, टेलीकॉम ऑपरेटर, 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस बल और केंद्रीय एजेंसियाँ) DoT के Digital Intelligence Platform (DIP) से जुड़े।
ASTR एनालिटिक्स का प्रभाव:
- AI-आधारित पुनः सत्यापन के बाद 88 लाख+ संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए।
- अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स में ~99% की कमी।
- नागरिकों ने Sanchar Saathi के माध्यम से 8 लाख धोखाधड़ी संचार रिपोर्ट किए, जिसके परिणामस्वरूप ~39.50 लाख कनेक्शन डिस्कनेक्ट और 2.27 लाख हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए।
2. माननीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का वक्तव्य
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद को बताया:
“Financial Fraud Risk Indicator और AI-आधारित एनालिटिक्स जैसे जोखिम-आधारित हस्तक्षेपों ने संस्थानों को रियल-टाइम में कार्रवाई करने में सक्षम बनाया है, जिससे ₹1,400 करोड़ से अधिक की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी रोकी जा सकी। Digital Intelligence Platform के साथ इन उपायों ने भारत के दूरसंचार इकोसिस्टम को मजबूत किया है और नागरिकों का डिजिटल लेन-देन पर विश्वास बहाल किया है।”
3. व्यापक प्रभाव
- नागरिक सशक्तिकरण: भुगतान से पहले चेतावनी और अलर्ट जागरूकता बढ़ाते हैं और धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाते हैं।
- संस्थागत मजबूती: बैंक और UPI प्लेटफ़ॉर्म अब सक्रिय धोखाधड़ी-निवारण तंत्र से लैस हैं।
- टेलीकॉम सुरक्षा: स्पूफ कॉल्स और धोखाधड़ी कनेक्शनों में भारी कमी से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई।
- वैश्विक मानक: भारत का दृष्टिकोण टेलीकॉम धोखाधड़ी रोकथाम के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करता है।
FRI और ASTR की सफलता यह दर्शाती है कि भारत ने साइबर और टेलीकॉम धोखाधड़ी रोकथाम के लिए AI-आधारित, जोखिम-आधारित हस्तक्षेपों को लागू करने में नेतृत्व किया है। माननीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दूरदर्शिता से इन पहलों ने न केवल हजारों नागरिकों को वित्तीय नुकसान से बचाया है, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास भी मजबूत किया है।
Share this article
Key Takeaways
Sources & References
Was this helpful?
Thanks for your feedback















