माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देशानुसार राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 के पुनर्गठन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
राष्ट्रीय साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 नागरिकों के लिए साइबर धोखाधड़ी और संबंधित अपराधों की रिपोर्ट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। साइबर अपराध की रणनीतियाँ तेजी से विकसित हो रही हैं, इसलिए इस प्रणाली को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है ताकि यह अधिक सुलभ, प्रभावी और समय पर शिकायत निवारण सुनिश्चित कर सके।
प्रमुख निर्देश
एआई एकीकरण
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग हेल्पलाइन प्रणाली के पुनर्गठन में किया जाएगा, जिससे मामलों का तेज़ वर्गीकरण, धोखाधड़ी के पैटर्न की पहचान और शिकायतों का बेहतर समाधान संभव होगा।
बहुभाषी समर्थन
हेल्पलाइन में बहुभाषी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे भारत के विविध भाषाई परिदृश्य में नागरिकों के लिए रिपोर्टिंग प्रक्रिया अधिक सरल और समावेशी बन सके।
शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान
वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े जमे हुए बैंक खातों की शिकायतों के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द अपने धन तक पहुंच प्राप्त हो सके।
नीति के प्रमुख उद्देश्य
कार्यान्वयन रणनीति
1. प्रौद्योगिकी उन्नयन
एआई-संचालित शिकायत प्रबंधन एवं धोखाधड़ी पहचान प्रणाली को लागू करना।
2. क्षमता निर्माण
हेल्पलाइन कर्मचारियों को एआई उपकरणों और बहुभाषी संचार के प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षित करना।
3. नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण
शिकायतों के निवारण के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करना, विशेष रूप से वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में।
4. निगरानी एवं मूल्यांकन
प्रणाली के प्रदर्शन, दक्षता और नागरिक संतुष्टि का नियमित मूल्यांकन एवं ऑडिट सुनिश्चित करना।
अपेक्षित परिणाम
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