दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) के माध्यम से साइबर अपराधों की रियल टाइम रोकथाम
दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) के माध्यम से केवल 15 महीनों में ₹5,000 करोड़ से अधिक की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की हानि को सफलतापूर्वक रोक दिया है। यह पहल धोखाधड़ी के बाद की रिकवरी से हटकर रियल टाइम रोकथाम की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
यह ढाँचा बैंकों, UPI प्लेटफ़ॉर्म और वित्तीय संस्थानों के साथ एकीकृत है और मई 2025 से तेज़ी से विस्तार कर रहा है, जिससे नागरिकों को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से बचाया जा रहा है।
मुख्य बिंदु
वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) कैसे काम करता है
• जोखिम श्रेणियाँ: मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च, बहुत उच्च जोखिम के रूप में चिह्नित किया जाता है।
• डेटा स्रोत:
• इंटीग्रेशन: DIP के माध्यम से बैंकों, UPI प्रदाताओं, बीमा कंपनियों, प्रतिभूति मध्यस्थों और पेंशन संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है।
• रियल-टाइम रोकथाम: उच्च जोखिम वाले मोबाइल नंबरों से जुड़े लेनदेन तुरंत चिन्हित या रोके जा सकते हैं।
रणनीति में बदलाव
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग
• साझेदार: RBI, NPCI, SEBI, बैंक, फिनटेक, बीमा कंपनियाँ, पेंशन प्रदाता।
• उपयोग:
नागरिकों की भूमिका
• संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट करें:
• स्वयं जाँच करें:
FRI ढाँचे ने भारत की साइबर धोखाधड़ी प्रतिक्रिया को पोस्ट-फ्रॉड जांच से रियल-टाइम रोकथाम में बदल दिया है। केवल 15 महीनों में ₹5,000 करोड़ से अधिक बचत करके यह भारत की वित्तीय सुरक्षा प्रणाली में सबसे प्रभावशाली डिजिटल पहल साबित हुई है।
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