दूरसंचार विभाग के FRI से रियल-टाइम साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम

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दूरसंचार विभाग के FRI से रियल-टाइम साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम

दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) के माध्यम से साइबर अपराधों की रियल टाइम रोकथाम

दूरसंचार विभाग (DoT) ने अपने Financial Fraud Risk Indicator (FRI) के माध्यम से केवल 15 महीनों में ₹5,000 करोड़ से अधिक की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की हानि को सफलतापूर्वक रोक दिया है। यह पहल धोखाधड़ी के बाद की रिकवरी से हटकर रियल टाइम रोकथाम की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

यह ढाँचा बैंकों, UPI प्लेटफ़ॉर्म और वित्तीय संस्थानों के साथ एकीकृत है और मई 2025 से तेज़ी से विस्तार कर रहा है, जिससे नागरिकों को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से बचाया जा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • शुरुआत: 22 मई 2025
  • कुल बचत: अगस्त 2026 तक ₹5,043.73 करोड़
  • प्रारंभिक प्रभाव: पहले 6 महीनों में ₹660 करोड़ की रोकथाम
  • हालिया वृद्धि: अप्रैल–अगस्त 2026 में ही ₹2,000 करोड़ से अधिक बचाए गए
  • संस्थाएँ जुड़ीं: 1,600+ संगठन डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) से जुड़े

वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) कैसे काम करता है

• जोखिम श्रेणियाँ: मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च, बहुत उच्च जोखिम के रूप में चिह्नित किया जाता है।

• डेटा स्रोत:

  • नागरिकों की रिपोर्ट (Sanchar Saathi)
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)
  • टेलीकॉम ऑपरेटरों की जानकारी
  • बैंक और वित्तीय संस्थानों का इनपुट

• इंटीग्रेशन: DIP के माध्यम से बैंकों, UPI प्रदाताओं, बीमा कंपनियों, प्रतिभूति मध्यस्थों और पेंशन संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है।

• रियल-टाइम रोकथाम: उच्च जोखिम वाले मोबाइल नंबरों से जुड़े लेनदेन तुरंत चिन्हित या रोके जा सकते हैं।

रणनीति में बदलाव

  • पुराना मॉडल: धोखाधड़ी के बाद पैसे की रिकवरी (धीमी और कठिन प्रक्रिया)।
  • नया मॉडल: लेनदेन की शुरुआत में ही रोकथाम, जिससे पैसा खाते से बाहर जाने से पहले ही सुरक्षित हो जाता है।
  • प्रभाव: नागरिकों को चोरी हुए पैसे की रिकवरी की परेशानी से बचाया गया।

विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग

• साझेदार: RBI, NPCI, SEBI, बैंक, फिनटेक, बीमा कंपनियाँ, पेंशन प्रदाता।

• उपयोग:

  • बैंकिंग/UPI: संदिग्ध ट्रांसफर को रोकना।
  • सिक्योरिटीज़: ट्रेडिंग/डिमैट अकाउंट धोखाधड़ी रोकना।
  • बीमा: पॉलिसी जारी करने और क्लेम के समय धोखाधड़ी रोकना।
  • पेंशन: पेंशन खातों और लेनदेन की सुरक्षा।

नागरिकों की भूमिका

• संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट करें:

  • कॉल/SMS/WhatsApp को Sanchar Saathi के Chakshu सुविधा पर रिपोर्ट करें।
  • साइबर धोखाधड़ी हेल्पलाइन: 1930
  • NCRP पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।

• स्वयं जाँच करें:

  • अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की पुष्टि करें।
  • खोए/चोरी हुए हैंडसेट की रिपोर्ट करें।
  • नया हैंडसेट खरीदते समय उसकी प्रामाणिकता जाँचें।

FRI ढाँचे ने भारत की साइबर धोखाधड़ी प्रतिक्रिया को पोस्ट-फ्रॉड जांच से रियल-टाइम रोकथाम में बदल दिया है। केवल 15 महीनों में ₹5,000 करोड़ से अधिक बचत करके यह भारत की वित्तीय सुरक्षा प्रणाली में सबसे प्रभावशाली डिजिटल पहल साबित हुई है।