डीपफेक और गलत जानकारी पर वैश्विक प्रहार: 30 देशों का “सुरक्षा कवच”

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डीपफेक और गलत जानकारी पर वैश्विक प्रहार: 30 देशों का “सुरक्षा कवच”

माननीय आईटी मंत्री श्री Ashwini Vaishnaw ने AI Impact Summit के दौरान कहा:
“गलत जानकारी समाज के लिए है खतरा” – “Misinformation is a threat to society.”

उन्होंने ज़ोर दिया कि डीपफेक और एआई-आधारित भ्रामक सूचनाएँ सामाजिक विश्वास को कमजोर कर रही हैं और इसके लिए वैश्विक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

ग्लोबल शील्ड अगेंस्ट डीपफेक्स एक वैश्विक मानक के रूप में कार्य करेगा।

  • भारत ने 30 से अधिक देशों के साथ मिलकर एक संयुक्त ढाँचा तैयार करने की पहल की है, जिसे “सुरक्षा कवच” कहा जा रहा है।
  • इस पहल का उद्देश्य डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया और एआई के दुरुपयोग से निपटने के लिए साझा तकनीकी और कानूनी समाधान स्थापित करना है।
  • प्रस्तावित उपायों में एआई-जनित सामग्री पर अनिवार्य वॉटरमार्किंग और लेबलिंग, साथ ही मज़बूत कॉपीराइट सुरक्षा शामिल हैं।


"सुरक्षा कवच" के उद्देश्य

1. भ्रामक और गलत जानकारी पर रोक

  • डीपफेक झूठी कहानियाँ फैला सकते हैं, चुनावों को प्रभावित कर सकते हैं और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
  • यह कवच प्रामाणिकता सत्यापन उपकरणों और वैश्विक फैक्ट-चेकिंग गठबंधनों को बढ़ावा देगा।

2. डेटा उल्लंघन की रोकथाम

  • एआई का दुरुपयोग अक्सर फ़िशिंग, प्रतिरूपण और पहचान चोरी से जुड़ा होता है।
  • ट्रेसबिलिटी और वॉटरमार्किंग लागू करके, अपराधियों के लिए सिंथेटिक सामग्री का धोखाधड़ी में उपयोग करना कठिन होगा।

3. सामाजिक विश्वास को मज़बूत करना

  • नागरिकों को सत्यापित डिजिटल सामग्री पर भरोसा मिलेगा।
  • सरकारें और संस्थाएँ सीमाओं के पार मानकीकृत डिटेक्शन मैकेनिज़्म पर निर्भर कर सकेंगी।


"सुरक्षा कवच" कैसे मदद करेगा?

  1. गलत जानकारी – वैश्विक वॉटरमार्किंग, लेबलिंग और नकली सामग्री की त्वरित पहचान
  2. डेटा उल्लंघन जोखिम – सिंथेटिक मीडिया द्वारा प्रतिरूपण हमलों की रोकथाम
  3. भ्रामक अभियान – सीमा-पार कानूनी ढाँचे, समन्वित कार्रवाई, जन-जागरूकता, शैक्षिक कार्यक्रम और कंटेंट क्रिएटर लैब्स द्वारा लचीलापन निर्माण


निष्कर्ष

30 देशों का “सुरक्षा कवच” वैश्विक साइबर सहयोग में एक ऐतिहासिक कदम है। तकनीकी सुरक्षा उपायों, कानूनी सामंजस्य और जन-जागरूकता को मिलाकर यह पहल डीपफेक, गलत जानकारी और डेटा शोषण के बढ़ते खतरे को रोकने में मदद करेगी।

माननीय मंत्री श्री Ashwini Vaishnaw के नेतृत्व में भारत एक विश्वसनीय डिजिटल भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।