“डेटिंग फ्रॉड सच है: अपने दिल और अपनी जेब की रक्षा करें।”
उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल का 35 वर्षीय निवासी दो ज़िंदगियाँ जी रहा था। एक में वह साधारण व्यक्ति दिखता था, दूसरी में वह चालाक ठग था—कभी डॉक्टर, कभी वकील, कभी व्यापारी, तो कभी फिल्म निर्माता बनकर। स्क्रीन के पीछे उसने झूठ का जाल बुना, महिलाओं को भावनात्मक रिश्तों में फँसाया और उन्हें धोखाधड़ी व ब्लैकमेल के चक्र में फँसा दिया।
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के ज़रिए उसने शिकार चुने। प्यार, शादी या करियर के अवसरों का वादा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने झूठी कहानियाँ गढ़ीं—बीमारी, व्यापार में नुकसान, पारिवारिक संकट—और पैसे माँगे। जब पीड़ितों ने संकोच किया, तो उसने निजी तस्वीरें/वीडियो लीक करने की धमकी दी। धीरे-धीरे उसने 500 से अधिक महिलाओं को ठगा और लगभग ₹2 करोड़ वसूले।
उसकी चालाकी तब खत्म हुई जब एक पीड़िता, जिसे ₹7 लाख का नुकसान हुआ था, ने शिकायत दर्ज कराई। दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। एसआई प्रियंका के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक और एसीपी संघमित्रा की देखरेख में टीम ने उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स—आईपी लॉग्स, मोबाइल नंबर, वित्तीय लेन-देन—का पता लगाया। लगातार निगरानी और पश्चिम बंगाल में छापेमारी के बाद आरोपी गिरफ्तार हुआ।
उसके पास से बरामद: 04 स्मार्टफोन, 08 सिम कार्ड, 03 डेबिट कार्ड, 04 सोने के कंगन और 05 सोने की चेन—सब पीड़ितों के पैसों से खरीदे गए।
मुख्य बिंदु
“फर्जी प्रोफाइल, असली नुकसान – सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
Like on Facebook
Follow on Twitter
Follow on Instagram
Subscribe On YT