कैसे साइबर अपराधी अपना तरीका बदल रहे हैं — वे पुराने चैट क्लोनिंग का इस्तेमाल करके झूठा विश्वास और वैधता का भ्रम पैदा करते हैं। जब कोई कर्मचारी परिचित बातचीत देखता है, तो वह धोखाधड़ी वाले निर्देशों पर अधिक आसानी से विश्वास कर लेता है। यह थी पुरे बॉस स्कैम की थीम।
हाल ही के एक मामले में, धोखेबाज़ों ने पुराने चैट का फायदा उठाकर एक कर्मचारी को ₹2 करोड़ ट्रांसफर करने के लिए बहकाया। साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ₹1.04 करोड़ वापस मिल गया, लेकिन यह घटना दिखाती है कि “चैट क्लोनिंग” कितनी खतरनाक हो सकती है।
भारत में हाल ही का WhatsApp “चैट क्लोनिंग” और प्रतिरूपण धोखाधड़ी (अगस्त 2026) को Boss Scam कहा जाता है, जिसमें साइबर अपराधी अधिकारियों के WhatsApp अकाउंट को हाइजैक करते हैं और “Statement of Account” या “RBI notices” जैसे नकली फाइलों का इस्तेमाल करते हैं। फिर वे पुराने चैट या क्लोन प्रोफाइल का फायदा उठाकर वित्तीय कर्मचारियों को तुरंत फंड ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं।
नया तरीका (Modus Operandi)
WhatsApp अकाउंट को हाइजैकिंग से बचाने के उपाय
सबसे अच्छा बचाव है — सत्यापन, परतदार सुरक्षा और सामूहिक जागरूकता।
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