“ऑफशोर प्लेटफ़ॉर्म की ओर रुख करना एक खतरनाक प्रवृत्ति है, जहाँ कोई नियमन लागू नहीं होता।”
भारत में ऑनलाइन गेमिंग अब एक केंद्रीकृत कानूनी ढाँचे के तहत नियंत्रित है। प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ़ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स, 2026 (PROG Rules), जो 1 मई 2026 से लागू हुए, ने स्पष्ट रूप से ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाया है।
प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ़ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 (PROG Act) इस उद्देश्य से लागू किया गया था कि “व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं और संवेदनशील वर्गों को धन आधारित ऑनलाइन खेलों के सामाजिक, आर्थिक, मानसिक और गोपनीयता संबंधी दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।”
लेकिन प्रमाण बताते हैं कि इस प्रतिबंध ने अनजाने में उपयोगकर्ताओं को ग़ैरक़ानूनी विदेशी प्लेटफ़ॉर्मों की ओर धकेल दिया है, जिससे अपेक्षित सुरक्षा कमजोर हो गई है।
विदेशी प्लेटफ़ॉर्म की ओर बढ़ता रुझान
अध्ययन दर्शाते हैं कि प्रतिबंध अक्सर उपयोगकर्ताओं को भूमिगत चैनलों की ओर धकेलते हैं, जोखिम कम नहीं करते।
विदेशी नेटवर्क से जुड़े प्रमुख ख़तरे
हाल ही में सिवगंगा, तमिलनाडु (फरवरी 2026) में “ओल्ड कॉइन परचेज़ टास्क” नामक टेलीग्राम धोखाधड़ी उजागर हुई, जिसमें अपराधियों ने म्यूल अकाउंट्स का उपयोग कर धन siphon किया। यह असुरक्षित प्लेटफ़ॉर्मों के वास्तविक ख़तरे को दर्शाता है।
प्रवर्तन की चुनौतियाँ और सीमाएँ
वैश्विक अनुभव क्या बताते हैं
दोनों उदाहरण यह संकेत देते हैं कि पूर्ण प्रतिबंध की तुलना में नियंत्रित और जवाबदेह नियमन अधिक प्रभावी हो सकता है।
आगे की दिशा
“सिर्फ़ प्रतिबंध नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकता। नियमन, जवाबदेही और जागरूकता ही अवैध सट्टेबाज़ी के विरुद्ध सबसे प्रभावी ढाल हैं। आइए मिलकर एक सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाएं।”
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