भारत में हुए CCTV हैकिंग कांड ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ एक साधारण डिफ़ॉल्ट पासवर्ड, जैसे “admin123”, पूरे देश स्तर पर गंभीर सेंधमारी का कारण बन सकता है। अस्पतालों, स्कूलों, घरों और संस्थानों के CCTV फुटेज को अपराधियों ने चुराकर इंटरनेट पर बेच दिया। यह घटना डिजिटल सुरक्षा और डिवाइस कॉन्फ़िगरेशन में लापरवाही को उजागर करती है।
जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच, हैकर्स ने फ़ैक्ट्री-सेट पासवर्ड की कमजोरी का फायदा उठाकर दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत और अहमदाबाद सहित 20 राज्यों में CCTV सिस्टम को हैक किया।
पहली घटना राजकोट के पायल मैटरनिटी हॉस्पिटल में उजागर हुई, जहाँ कंट्रोल रूम एक्सेस लेकर महिलाओं के मेडिकल जांच फुटेज लीक किए गए।
देशभर के घरों, स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों से लगभग 50,000 से अधिक वीडियो क्लिप्स चोरी किए गए।
इन क्लिप्स को ₹700 से ₹4,000 प्रति वीडियो की दर पर बेचा गया।
कुछ अपराधियों ने YouTube पर टीज़र डालकर पीड़ितों की पहचान उजागर की और उन्हें Telegram ग्रुप्स की ओर मोड़ा।
इससे पहले भी CCTV फुटेज का दुरुपयोग हो चुका है, जैसे चीन आधारित गिरोहों द्वारा होटल CCTV के माध्यम से फर्जी अकाउंट होल्डर्स की निगरानी।
यह मामला सिर्फ गोपनीयता का उल्लंघन नहीं, बल्कि साइबर स्वच्छता की गंभीर विफलता है।
डिफ़ॉल्ट लॉगिन क्रेडेंशियल्स
ज्यादातर कैमरे admin/admin123 जैसे सरल पासवर्ड के साथ इंस्टॉल किए जाते हैं।
ऑटोमेटेड स्कैनिंग टूल्स
हैकर्स IP एड्रेस स्कैन कर खुले पोर्ट वाले CCTV सिस्टम खोजते हैं।
डैशबोर्ड का सीधा एक्सेस
एक बार एक्सेस मिलने पर वे रिकॉर्डिंग डाउनलोड कर लेते हैं और अलर्ट बंद कर देते हैं।
डार्क वेब पर वितरण और बिक्री
चोरी किए गए वीडियो Telegram, Discord और डार्क मार्केट चैनलों पर बेचे जाते हैं।
डिफ़ॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें
मजबूत, यूनिक और लंबा पासवर्ड उपयोग करें। एक पासवर्ड कई जगह न दोहराएँ।
फर्मवेयर और सॉफ्टवेयर अपडेट रखें
निर्माता द्वारा जारी किए गए सिक्योरिटी पैच को समय पर लागू करें।
रिमोट एक्सेस सीमित करें
जब तक आवश्यक न हो, रिमोट व्यूइंग बंद रखें। आवश्यकता होने पर केवल VPN का उपयोग करें।
दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम करें
आधुनिक CCTV सिस्टम में उपलब्ध 2FA सुरक्षा को हमेशा सक्रिय रखें।
एक्सेस लॉग और अलर्ट नियमित रूप से मॉनिटर करें
संदिग्ध लॉगिन या सेटिंग परिवर्तन की सूचना सक्षम करें।
नेटवर्क को अलग रखें
CCTV सिस्टम को मुख्य वाई-फाई/ऑफिस नेटवर्क से अलग रखें।
परिवार और स्टाफ को प्रशिक्षित करें
सुरक्षा उपायों को इंस्टॉलेशन और स्टाफ ट्रेनिंग का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।
CCTV सुरक्षा सिर्फ तकनीकी जिम्मेदारी नहीं है — यह व्यक्तिगत गोपनीयता, संस्थागत भरोसे और राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रश्न है।
डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदलना, सॉफ्टवेयर अपडेट करना और नेटवर्क सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक और संगठन की जिम्मेदारी है।
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