भारत का एआई इम्पैक्ट समिट (16–20 फरवरी, 2026) केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज़ को वैश्विक एआई गवर्नेंस में स्थापित करने का ऐतिहासिक क्षण है।
यह भारत को समावेशी, नैतिक और स्केलेबल एआई गवर्नेंस का रणनीतिक नेता बनने की स्थिति में लाता है।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
1. एआई गवर्नेंस में वैश्विक नेतृत्व
2. संयुक्त राष्ट्र की स्वीकृति
3. विकसित भारत 2047 संरेखण
समिट के बाद प्रभाव
A. नीति और नियामक ढाँचे
B. बहुपक्षीय सहयोग
C. उद्योग और नवाचार को बढ़ावा
D. साइबर सुरक्षा और संप्रभुता
आगे क्या देखना है
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