भारत का एआई इम्पैक्ट समिट 2026 — वैश्विक एआई गवर्नेंस में ग्लोबल साउथ की निर्णायक आवाज़

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भारत का एआई इम्पैक्ट समिट 2026 — वैश्विक एआई गवर्नेंस में ग्लोबल साउथ की निर्णायक आवाज़

भारत का एआई इम्पैक्ट समिट (16–20 फरवरी, 2026) केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज़ को वैश्विक एआई गवर्नेंस में स्थापित करने का ऐतिहासिक क्षण है।
यह भारत को समावेशी, नैतिक और स्केलेबल एआई गवर्नेंस का रणनीतिक नेता बनने की स्थिति में लाता है।


भारत के लिए रणनीतिक महत्व

1. एआई गवर्नेंस में वैश्विक नेतृत्व

  • भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित पहला वैश्विक एआई समिट।
  • फ्रांस एआई एक्शन समिट में प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा।
  • तीन स्तंभ: जन (People), धरती (Planet), प्रगति (Prosperity)।
  • भारत का संदेश: एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानवता और पृथ्वी के लिए जिम्मेदारी है।

2. संयुक्त राष्ट्र की स्वीकृति

  • यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की पहल को “अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण” बताया।
  • उनकी उपस्थिति भारत की एआई दृष्टि को वैधता, विश्वसनीयता और वैश्विक समर्थन प्रदान करती है।

3. विकसित भारत 2047 संरेखण

  • एआई को समावेशी विकास, सार्वजनिक सेवा वितरण और शासन परिवर्तन का प्रमुख साधन माना गया।
  • भारत की बहुभाषी और बहु-प्रारूप क्षमताएँ एआई को लोकतांत्रिक बनाने में अद्वितीय स्थिति देती हैं।
  • “AI for All” का भारतीय मॉडल वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय बन सकता है।


समिट के बाद प्रभाव

A. नीति और नियामक ढाँचे

  • भारत से अपेक्षा है कि वह वैश्विक मानकों का नेतृत्व करेगा:
  • नैतिक एआई (Ethical AI)
  • पक्षपात कम करना (Bias Mitigation)
  • डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty)
  • सार्वजनिक हित के लिए एआई (AI for Public Good)
  • AI-specific legislation और IT Act में संशोधन

B. बहुपक्षीय सहयोग

  • भारत की भूमिका GPAI, AI for Africa और ग्लोबल साउथ पहल में मजबूत होगी।
  • AI को जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे वैश्विक चुनौतियों के समाधान में साझा मंच बनाया जाएगा।

C. उद्योग और नवाचार को बढ़ावा

  • 30+ देशों के 300+ प्रदर्शक एआई इम्पैक्ट एक्सपो में शामिल।
  • स्टार्टअप्स, अकादमिक जगत और उद्योग सहयोग को बढ़ावा।
  • एफडीआई प्रवाह, तकनीकी साझेदारी और एआई स्किलिंग कार्यक्रमों की संभावना।
  • भारत को “Innovation Hub of Global South” के रूप में स्थापित करने का अवसर।

D. साइबर सुरक्षा और संप्रभुता

  • राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध पहचान और दूरसंचार नियमन में एआई का एकीकरण।
  • सिम बाइंडिंग, धोखाधड़ी पहचान और डिजिटल भुगतान सुरक्षा में एआई-संचालित समाधान।
  • एआई एनालिटिक्स से कानून प्रवर्तन और साइबर अपराध जांच क्षमताएँ मजबूत होंगी।
  • भारत का लक्ष्य: “Secure Digital Bharat”।


आगे क्या देखना है

  1. एआई-विशिष्ट कानून और आईटी अधिनियम में संशोधन
  2. सार्वजनिक सेवाओं में एआई का उपयोग – स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, न्याय वितरण
  3. साइबर अपराध रोकथाम – एआई-संचालित धोखाधड़ी पहचान, सिम बाइंडिंग प्रवर्तन
  4. एआई स्किलिंग और जन-जागरूकता – नागरिकों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण
  5. वैश्विक साझेदारी – भारत को Responsible AI Governance का मानक स्थापित करना