विदेश से साइबर धोखाधड़ी तभी संभव है जब हमारे देश में बैठे स्थानीय सहयोगी उन्हें सुविधा प्रदान करते हैं। मामूली कमाई के लिए वे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा बन जाते हैं।
चीनी टेलीग्राम रिंग का नेक्सस
दिल्ली पुलिस की IFSO इकाई ने जांच में यह उजागर किया कि भारतीय साइबर अपराधी नियमित रूप से चीनी समूहों से टेलीग्राम पर संपर्क में थे। ये समूह कमांड-एंड-कंट्रोल हब की तरह काम कर रहे थे, जो धन हस्तांतरण और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का संचालन कर रहे थे।
केस: हीरो फिनकॉर्प साइबर धोखाधड़ी
कार्यप्रणाली (Modus Operandi)
जोखिम और प्रभाव
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