अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध पर भारत की बड़ी कार्रवाई: गणेश बालाश्राव काले का प्रत्यर्पण

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अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध पर भारत की बड़ी कार्रवाई: गणेश बालाश्राव काले का प्रत्यर्पण

थाईलैंड से भारत में गणेश बालाश्राव काले का प्रत्यर्पण साइबर अपराध मामले में एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो यह दर्शाता है कि अब साइबर अपराधी चाहे कहीं भी छिपें, न्याय से बच नहीं सकते।

गणेश बालाश्राव काले पर भारत में गंभीर साइबर अपराध के आरोप हैं। उसे 11 जून 2026 को थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित किया गया। आरोप है कि उसने ऑनलाइन जॉब और निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क चलाया, जिसके माध्यम से सैकड़ों लोगों को ठगा गया।

गणेश बालाश्राव काले, महाराष्ट्र का साइबर अपराध सरगना, 24 मई 2026 को बैंकॉक (थाईलैंड) में गिरफ्तार हुआ और 11 जून 2026 को भारत प्रत्यर्पित किया गया। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

धोखाधड़ी का स्वरूप

  • काले ने फर्जी ऑनलाइन जॉब स्कीम चलाई।
  • लोगों को पार्ट-टाइम नौकरी का लालच देकर सिक्योरिटी डिपॉज़िट/निवेश जमा कराया।
  • पैसों को म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए बाहर निकाला गया।
  • पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया।

मोडस ऑपरेंडी

  • काले ने म्यूल बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल किया।
  • निर्दोष लोगों को उनके बैंक खाते इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया और बदले में कमीशन देने का वादा किया।
  • इन खातों से धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर की गई।
  • पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया।

घटनाक्रम

  • मई 2026: इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया।
  • 24 मई 2026: थाई अधिकारियों ने बैंकॉक में काले को हिरासत में लिया।
  • 10–11 जून 2026: भारत सरकार (CBI, MEA, MHA) और भारतीय दूतावास के सहयोग से उसे भारत भेजा गया।
  • 11 जून 2026: मुंबई पहुंचने पर महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल ने उसे हिरासत में लिया।

शामिल एजेंसियाँ

  • CBI (भारत का इंटरपोल NCB)
  • MEA (विदेश मंत्रालय)
  • MHA (गृह मंत्रालय)
  • थाईलैंड पुलिस
  • महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल

महत्व

  • केवल 20 दिनों में गिरफ्तारी से प्रत्यर्पण — बेहद तेज़ कार्रवाई।
  • भारत ने हाल के वर्षों में 160 से अधिक अपराधियों को वापस लाया।
  • यह मामला दिखाता है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क से निपटने में सक्षम है।

जन चेतावनी

यह मामला साइबर अपराधियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि चाहे वे कहीं भी छिपें, कानून की पहुंच से बचना कठिन होता जा रहा है।

नागरिकों को ऑनलाइन जॉब ऑफर, पार्ट-टाइम वर्क स्कीम और निवेश योजनाओं में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

साइबर फ्रॉड होने पर शिकायत दर्ज करें:

  • हेल्पलाइन: 1930
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in