1. आईटी नियम (2026) में प्रमुख सुधार
2026 में आईटी नियमों (2021) में किए गए संशोधन ने एआई-जनित कंटेंट और डीपफेक पर सख्त प्रावधान लागू किए हैं। मुख्य सुधार इस प्रकार हैं:
A. एआई पारदर्शिता और पहचान
B. अनिवार्य खुलासा और उपयोगकर्ता घोषणा
C. त्वरित प्रवर्तन समयसीमा
2. साइबर अपराध रोकथाम में लाभ
A. हानिकारक कंटेंट का त्वरित नियंत्रण
B. प्लेटफ़ॉर्म की जवाबदेही
C. साइबर अपराधियों पर रोकथाम
D. उपयोगकर्ता विश्वास और सुरक्षा
E. कानूनी और संस्थागत मजबूती
3. साइबर अपराध नियंत्रण पर रणनीतिक प्रभाव
निष्कर्ष
आईटी नियमों (2026 संशोधन) ने साइबर शासन में नई दिशा दी है। गति, पारदर्शिता और जवाबदेही लागू कर भारत ने डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया दुरुपयोग और साइबर अपराध के खिलाफ अपनी रक्षा को मजबूत किया है। ये कदम न केवल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं बल्कि संस्थागत विश्वसनीयता को भी बढ़ाते हैं, जिससे भारत जिम्मेदार एआई नियमन में अग्रणी बनता है।
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