अभय – डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी से सुरक्षा की ढाल

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अभय – डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी से सुरक्षा की ढाल

एक चैटबॉट जिसे हर नागरिक को जानना चाहिए, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को।
(संदिग्ध नोटिस मिलते ही → अभय पर जाँचें → प्रामाणिकता की पुष्टि करें → सुरक्षित रहें)

नागरिकों के लिए तकनीक
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपना एआई संचालित चैटबॉट ‘अभय’ लॉन्च किया है। यह एक ऐतिहासिक पहल है जिसका उद्देश्य नागरिकों को बढ़ते डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों से बचाना है, जहाँ धोखेबाज़ सीबीआई अधिकारियों का रूप धारण कर नकली नोटिस जारी करते हैं और गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं।

यह उपकरण भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा 22वें डी.पी. कोहली स्मृति व्याख्यान (20 अप्रैल 2026) में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। विषय था “साइबर अपराध की चुनौतियाँ – पुलिस व न्यायपालिका की भूमिका।”

व्याख्यान की मुख्य बातें

  • साइबर अपराध के विकास और बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
  • संस्थागत मजबूती, तकनीकी सहयोग और न्यायिक अनुकूलन की आवश्यकता बताई।
  • न्यायपालिका की भूमिका: न्यायपूर्ण सुनवाई, त्वरित न्याय और नागरिक विश्वास सुनिश्चित करना।

साइबर अपराध केवल पुलिस की चुनौती नहीं, बल्कि समाज के लिए खतरा है।

  • पुलिस: तकनीकी क्षमता बढ़ाएँ, SOPs मजबूत करें, न्यायपालिका से सहयोग करें।
  • न्यायपालिका: डिजिटल साक्ष्य अपनाएँ, त्वरित न्याय दें।

अभय का उद्देश्य

  • डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी से मुकाबला करना।
  • सीबीआई नोटिसों का रीयल टाइम सत्यापन प्रदान करना।
  • नागरिकों को आत्मविश्वास और सुरक्षा देना।

कार्यप्रणाली

  • संदिग्ध दस्तावेज़ों का सीबीआई रिकॉर्ड से मिलान।
  • नकली गिरफ्तारी की धमकियों से मानसिक दबाव समाप्त करना।
  • नोटिसों का रीयल टाइम सत्यापन।

क्यों महत्वपूर्ण है

  • बढ़ता साइबर अपराध: डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले तेजी से बढ़ रहे हैं।
  • जन सुरक्षा: अभय नागरिकों को प्रतिक्रिया देने से पहले सत्यापन का अधिकार देता है।
  • संस्थागत विश्वास: सीबीआई संचार की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
  • सुलभता: सभी नागरिकों के लिए, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए।

जोखिम और सुरक्षा उपाय
• जोखिम: धोखेबाज़ नकली पोर्टल बनाकर नागरिकों को गुमराह कर सकते हैं।
• सुरक्षा उपाय: हमेशा नोटिसों को अभय के माध्यम से या स्थानीय पुलिस से सत्यापित करें।
• सलाह:

  • कभी भी व्यक्तिगत/बैंक विवरण साझा न करें।
  • अनचाहे कॉल/संदेशों पर पैसे ट्रांसफर न करें।
  • केवल सीबीआई के आधिकारिक चैनलों से ही अभय तक पहुँचें।
  • संदिग्ध गतिविधि तुरंत कानून प्रवर्तन को रिपोर्ट करें।

“अभय – भरोसा और सुरक्षा”